भारत का विश्वगुरु के रूप में पुनरुत्थान निश्चित है – RSS Chief Mohan Bhagwat

प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर – भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा , इस बारे में किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए । एक समय ऐसा था जब लोग अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर शंका जताते थे । मंदिर बनना असंभव माना जाता था , परन्तु आज वह मंदिर सबके सामने साकार रूप में खडा है । उसी प्रकार भारत का विश्वगुरु के रूप में पुनरुत्थान भी पूरी तरह निश्चित है , ऐसा वक्तव्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने दिया ।

उन्होंने यह बात यहां ‘नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट’ परिसर में बनाए जा रहे ‘भारत दुर्गा शक्ति स्थल’ मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में कही । इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस , केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , स्वामी अवधेशानंद गिरी , स्वामी मित्रानंदजी महाराज , साध्वी ऋतंभरा तथा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित अनेक धार्मिक प्रतिष्ठत व्यक्ति उपस्थित थे ।

प.पू. सरसंघचालक आगे बोले –

1. देश के भविष्य को लेकर संदेह न रखें । साहस और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जिएं ।

2. यदि लोग अपने संकल्प के अनुसार आगे बढेंगे , तो भारत अधिक सशक्त बनेगा ।

3. भारत का विश्वगुरु बनने का सपना निरंतर प्रयास तथा सामूहिक अनुशासन के माध्यम से साकार होगा ।

4. भारत को वास्तव में समझना है , तो उसे अपनी संस्कृति और सनातन मूल्यों के दृष्टिकोण से देखना होगा । पिछले 150 वर्षों में विकसित पाश्चात्य विचारों के माध्यम से भारत को समझा नहीं जा सकता । इसके लिए विदेशी विचारधाराओं की परतों को पहले हटाना होगा