मुंबई – किसी व्यक्ति को प्राथमिक पूछताछ के लिए बुलाते समय, साथ ही अपराध प्रविष्ट करने से पहले या बाद में, उस व्यक्ति को नोटिस के साथ शिकायत की प्रति देना अनिवार्य है, ऐसा आदेश मुंबई उच्च न्यायालय ने पुलिस प्रशासन को दिया है ।
एक संस्था के विरुद्ध मामले में व्यक्ति को नोटिस देते समय शिकायत की प्रति नहीं दी गई थी । साथ ही अन्य घटनाओं में भी लगातार ऐसी बात सामने आने का उल्लेख करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने उपरोक्त आदेश दिया । (मूलतः उच्च न्यायालय को ऐसा आदेश पुलिस को क्यों देना पड़ता है ? जब कानून में इसके लिए प्रावधान है, तो पुलिस उसका पालन क्यों नहीं करती ? इस विषय पर भी उच्च न्यायालय को प्रश्न उठाना चाहिए। इससे ही स्पष्ट होता है कि पुलिस कानून का कितना पालन करती होगी – संपादक) पुलिस द्वारा शिकायत का विवरण भी नहीं बताया जाता, यह न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है, ऐसा कहते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का आधार लेकर यह आदेश दिया ।

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