मजदूर संगठन के नाम पर हिंसा भडकाने का स्पष्टीकरण ।

नोएडा (उत्तर प्रदेश) – यहां मजदूरों के आंदोलन के समय हुई हिंसा के पीछे पाकिस्तान तथा साम्यवादी संगठनों का हाथ होने की बात सामने आई है । पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया के माध्यम से मजदूरों को भडकाया गया । हिंसा भडकाने के आरोप में पुलिस ने ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ इस साम्यवादी संगठन की मनीषा चौहान तथा रुपेश रॉय को बंदी बनाया है ।
Pakistan and Communist organizations involved in the violence at Noida (Uttar Pradesh)!
Revelations of violence incited under the guise of labor unions.
Considering the anti-national background of Communist organisations, will such organisations be now be banned?
🎥 Courtesy:… pic.twitter.com/SPSrg4ozGh
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) April 17, 2026
पुलिस की जानकारी के अनुसार ‘एक्स’ पर ‘@Proudindiannavi’ तथा ‘@Mir_Ilyas_INC’ इन खातों के माध्यम से नोएडा के आंदोलन के संबंध में भडकाऊ सामग्री प्रसारित की गई । ये खाते पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे । इन दोनों खातों के विरुद्ध पहले ही अभियोग प्रविष्ट किया गया है । इस जांच में यह भी सामने आया कि उपरोक्त खातों के संचालक अपनी पहचान छिपाने का प्रयास कर रहे थे । फिर भी साइबर विभाग ने उनका स्थान खोज निकाला । इन खातों के माध्यम से पहले भी भडकाऊ सामग्री प्रसारित कर हिंसा भडकाने का प्रयास किया गया था, ऐसी जानकारी सामने आई है ।
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न