Mumbai Drugs Case : मुंबई के कार्यक्रम में मादक पदार्थों का अत्यधिक सेवन : युवक- युवतियों के मृत्यु प्रकरण में ६ लोगों को बंदी बनाया !

  • सदोष मानव हत्या का अपराध दर्ज

  • आरोपियों को १६ अप्रैल तक पुलिस हिरासत

  • मद्य सेवन से कुछ लोग बेहोश हुए

मुंबई – गोरेगांव स्थित ‘नेस्को सेंटर’ में आयोजित एक प्रतिष्ठित संगीत कार्यक्रम (म्यूजिक कॉन्सर्ट) में ‘एम.डी.एम.ए.’ नामक मादक पदार्थ का बडे प्रमाण पर उपयोग किया गया । इसके अत्यधिक सेवन के कारण २८ वर्षीय युवक तथा २४ वर्षीय युवती की मृत्यु हो गई । इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध सदोष मानव हत्या का अपराध दर्ज किया है । कुछ युवक-युवतियों ने मद्य का सेवन किया, उसमें से कई बेहोश हो गए । उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है । इस प्रकरण में ६ लोगों को बंदी बनाया गया , जिनमें मुख्य रूप से ‘नेस्को’ के आयोजक सनी जैन, आकाश समल, प्रबंधक बालकृष्ण कुरुप, रौनक खंडेलवाल के साथ मादक पदार्थ विक्रेता, आनंद पटेल तथा प्रतीक पांडे सम्मिलित हैं । इन्हें १६ अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है ।

इस कार्यक्रम में ३ से ४ हजार युवक-युवतियां उपस्थित थे । नृत्य करते समय कुछ लोगों की तबीयत अचानक बिगड गई । बताया जा रहा है कि उन युवाओं को पीले रंग की गोलियां दी गई थीं । एक अन्य छात्र की हालत अत्यंत गंभीर है तथा उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है ।

भाजपा के नेता चंद्रशेखर बावनकुळे ने कहा, “मादक पदार्थों के विरुद्ध सरकार व्यापक स्तर पर कार्यवाही कर रही है । आरोपियों को पकडने के लिए हमने मजबूत तंत्र तैयार किया है, जिससे उनकी शीघ्र गिरफ्तारी संभव होगी ।”

‘एम.डी.एम.ए.’ मादक पदार्थ के दुष्प्रभाव :

यह मादक पदार्थ गोली या पाउडर के रूप में उपलब्ध होता है । इसके सेवन से ऊर्जा तथा उत्साह बढता है तथा हृदय की धडकन तेज हो जाती है । कई बार इससे शरीर के अंगों के विफल होने का खतरा रहता है । मानसिक अवसाद भी हो सकता है तथा गंभीर स्थिति में मृत्यु तक हो सकती है ।

संपादकीय भूमिका

  • इससे स्पष्ट होता है कि युवाओं में मादक पदार्थों के प्रति आकर्षण कितना घातक सिद्ध हो सकता है !
  • प्रवेश के समय जांच नहीं हुई क्या ? यदि हुई, तो उसी समय मादक पदार्थों का भंडार पकडा क्यों नहीं गया ? युवाओं की तबीयत बिगडने पर उन्हें तत्काल चिकित्सीय सहायता क्यों नहीं मिली ?इन प्रश्नों पर भी विचार होना चाहिए !