Guna Conversion : गुना (मध्यप्रदेश) में मांसाहारी भोज की आड में धर्मांतरण का प्रयास !

एक पादरी बंदी बनाया गया, दूसरे ने किया पलायन

गुना (मध्यप्रदेश) – गुना जिले में हिन्दुओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रकरण उजागर हुआ है । इस घटना के उपरांत पुलिस ने मुख्य आरोपी पादरी उत्तम बरेला को बंदी बना लिया है । (पादरी का नाम हिन्दू जैसा क्यों है ? हिन्दू नामों का उपयोग करके धर्मांतरित ईसाई अन्य हिन्दुओं का धर्मांतरण करने का प्रयास करते हैं – संपादक) ‘चंगाई सभा’ (जिसमें पादरी प्रार्थना के माध्यम से रोग ग्रस्त लोगों को ठीक करने का वचन देते हैं) के नाम पर धर्मांतरण का प्रयास किए जाने के प्रकरण में यह कार्रवाई की गई है । इस प्रकरण में अन्य आरोपी पादरी विकास बरेला को ढूंढा जा रहा है ।

१. ५ अप्रैल २०२६ को मोहनपुर खुर्द गांव में २ बकरियों एवं ४० मुर्गियों को काटकर ३०० से ४०० लोगों के लिए भोज तैयार किया गया था एवं ‘चंगाई सभा’ के नाम पर लोगों को एकत्र किया गया था । सभा में उपस्थित लोगों से कहा गया कि प्रार्थना से रोग एवं मादक द्रव्यों का व्यसन दोनों ठीक हो सकते हैं ।

२. कई ग्रामीणों ने बताया कि चिकित्सालय या पारंपरिक उपचार से आरोग्य न प्राप्त होने के कारण उन्हें यहां बुलाया गया था । स्थानीय लोगों के अनुसार धर्म प्रसारक से जुडे लोग प्रत्येक रविवार ऐसी सभाएं आयोजित करते थे एवं इसे ‘मन परिवर्तन’ कहा जाता था । ईसाई त्यौहार ईस्टर के दिन हुई इस सभा का लघु चलचित्र उजागर होने के उपरांत इस षडयंत्र से संबंधित लोग वहां से पलायन कर गए ।

संपादकीय भूमिका 

कठोर धर्मांतरण-विरोधी कानून न होने के कारण, जैसे कांग्रेस के शासनकाल में ईसाई धर्म प्रसारक हिन्दुओं का धर्मांतरण करते थे, उसी प्रकार सहजता से वर्तमान काल में भी कर रहे हैं !