
नई दिल्ली – निःशुल्क राशन देना, महिलाओं को नकद धनराशि प्रदान करना जैसी योजनाओं के कारण राज्यों पर निरंतर आर्थिक भार बढ रहा है । निर्वाचन में समस्त राजनीतिक दलों द्वारा ऐसी योजनाएं कार्यान्वित करने का आश्वासन दिया जाता है । निर्वाचन के पश्चात उनका प्रत्यक्ष क्रियान्वयन करते-करते अनेक राज्य अल्प समय में ही दिवालियापन की कगार पर पहुंच गए हैं ।
ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि इन योजनाओं को पूर्ण करने हेतु राज्य पर्याप्त संसाधन एकत्रित नहीं कर पा रहे हैं, ना ही संतुलित बजट बना पा रहे हैं । विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि इसी प्रकार चलता रहा, तो अनेक राज्य दिवालिया हो सकते हैं ।
Indian States Heading Toward Bankruptcy 🚨
Several states are nearing financial distress due to unsustainable freebie schemes; free rations, cash handouts, and more.
Every election brings bigger promises, but at what cost?
This is not welfare – it’s vote-buying in disguise.… pic.twitter.com/KXF948nezw
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) April 5, 2026
१. कुछ राज्यों में इन योजनाओं का भार कुल राजस्व प्राप्ति के ३० से ४० प्रतिशत तक पहुंच गया है । हिमाचल प्रदेश जैसे लघु राज्य में नकद धनराशि के संकट की स्थिति अत्यंत गंभीर है । राज्य में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक सहित अधिकारियों के वेतन एवं सेवानिवृत्ति वेतन (पेंशन) को स्थगित करना पड़ा है ।
२. तेलंगाना में जनमानस पर मुफ्त उपहार जैसी योजनाएं लागू करने के कारण आय-व्ययक में निधि न्यून पड रही है । इस कारण जनहित की अनेक योजनाएं अवरुद्ध हो गई हैं । मध्य प्रदेश में ‘लाडली बहना’ योजना के कारण जी.एस.डी.पी. (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) की तुलना में ऋण २७ प्रतिशत से बढकर ३२ प्रतिशत तक पहुंच गया है ।
३. महाराष्ट्र में ‘लाडली बहण योजना’ पर सरकारी कोष से व्यय किए जाने के कारण पर्वों (त्योहारों) में मिलने वाली ‘राशन किट’ की योजना बंद कर दी गई है ।
४. ‘इंडियन एसोसिएशन फॉर रिसर्च इन नेशनल इनकम एंड वेल्थ’ के संपादक डॉ. अमरजीत सिंह सेठी ने कहा कि, ‘यदि इसी प्रकार लोगों को बिनामूल्य आर्थिक लाभ देने वाली योजनाएं चलती रहीं, तो देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ होने के पश्चात भी राज्य दिवालिया हो सकते हैं । हिमाचल के समान ही अन्य राज्य भी व्यय में कटौती कर रहे हैं’ ।

१. मध्य प्रदेश की बिनामूल्य योजनाएं ।
१. लाडली बहना योजना
२. निःशुल्क सिलेंडर योजना
३. विद्युत आपूर्ति पर अनुदान (सब्सिडी)
इन योजनाओं पर कितना व्यय ?
५० सहस्र करोड रुपये
२. तेलंगाना की बिनामूल्य योजनाएं ।
१. महिलाओं हेतु महालक्ष्मी योजना (निःशुल्क बस यात्रा, सिलेंडर एवं प्रतिमास २ सहस्र ५०० रुपये)
२. आवासहीन लोगों को गृह निर्माण हेतु ५ लाख रुपये की सहायता
३. प्रतिमास २०० यूनिट निःशुल्क विद्युत आपूर्ति
इन योजनाओं पर कितना व्यय ?
५१ सहस्र करोड रुपये
३. पंजाब की बिनामूल्य योजनाएं ।
१. प्रतिमास ३०० यूनिट निःशुल्क विद्युत आपूर्ति
२. महिलाओं हेतु प्रतिमास १ सहस्र से १ सहस्र ५०० रुपये की सहायता
३. महिलाओं हेतु निःशुल्क बस यात्रा
इन योजनाओं पर कितना व्यय ?
२ लाख ६० सहस्र करोड रुपये
संपादकीय भूमिका
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