
नई दिल्ली – देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के उद्देश्य पर ३० मार्च के दिन संसद में विस्तृत चर्चा होगी । केंद्र सरकार ने ३१ मार्च २०२६ तक भारत को नक्सलवाद से मुक्त करने की समयसीमा निर्धारित की है और इस लक्ष्य के निकट पहुंचने की बात भी कही है ।
१. पिछले १ वर्ष में कई बडे माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में आने का रास्ता अपनाया है । हाल ही में २५ मार्च के दिन ओडिशा में वांछित माओवादी नेता सुकृ सहित ४ लोगों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया । उन पर कुल 66 लाख रुपये का पुरुस्कार था ।
२. ओडिशा पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक संजीव पांडा के अनुसार कंधमाल जिले में अब केवल ८ से ९ नक्सलवादी ही बचे हैं । ‘शेष नक्सलवादियों को भी आत्मसमर्पण करना चाहिए’, ऐसा आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि ‘सरकार की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा’ । छत्तीसगढ के दंडकारण्य क्षेत्र में भी पहली बार नक्सल संगठन लगभग नेतृत्वहीन हो गया है । इसे सरकार के लिए बडी सफलता मानी जा रही है ।
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