
नाशिक — भोंदूबाबा अशोक खरात ने २० वर्ष पूर्व धमकी दी थी, ऐसा दावा महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने किया है । वर्ष २००७ में अंनिस के कार्यकर्ता जब खरात के कार्यालय में गए थे, तब उसने उन्हें ‘मेरे पास रिवॉल्वर है’, इस प्रकार की धमकी दी थी ।
अंनिस द्वारा चुनौती दिए जाने पर उसने ३ महीने तक अपने कार्य बंद रखे थे । वर्ष २०१३ में भी खरात ने अंनिस के कार्यकर्ताओं को ‘यदि तुम मेरे पीछे पडे, तो तुम्हारा अस्तित्व समाप्त कर दूंगा’, इस प्रकार की धमकी दी थी । इसके पश्चात समय-समय पर अशोक खरात की गतिविधियों से पीडित लोग अंनिस से संपर्क करते रहे ; किन्तु वे पुलिस के पास जाने से डरते थे, ऐसा भी अंनिस के कार्यकर्ताओं ने कहा है ।
संपादकीय भूमिकाइतने वर्षों से इस भोंदूबाबा के विषय में अंनिस को जानकारी थी तथा अंनिस का कानून लागू हुए भी कई वर्ष हो चुके हैं, तो अंनिस ने पहले स्वयं पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की ? अंनिस ने पिछले २० वर्षों में इस भोंदूबाबा के विषय में एक शब्द भी क्यों नहीं कहा ? इसके पीछे क्या कारण है, इसकी भी जांच होनी चाहिए । |
Badrinath Dham Donation Theft : बद्रीनाथ धाम में दान चोरी के प्रकरण में एक व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज
‘मुस्लिम पर्सनल लॉ’ देश के कानून से ऊपर नहीं है ! – इलाहाबाद उच्च न्यायालय
Golden Triangle Scam : ‘गोल्डन ट्रायंगल’ में ८०० भारतीय बंधक : महाराष्ट्र के २५ युवक भी सम्मिलित
भूमि क्रय के व्यवहार में छल करने वाली मुसलमान महिला को बंदी बनाया गया
ISI Agent Arrest : पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वालों तक पैसे पहुंचाने वाले एजेंट को बंदी बनाया गया ।
Haryana IPS Officer Arrest : ३ करोड रुपये की रिश्वत की घटना में आईपीएस अधिकारी को बंदी बनाया ।