Mumbai Traffic AI : मुंबई की यातायात व्यवस्था कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नियंत्रण में !

  • प्रणाली द्वारा यातायात संकुलन (जाम) का नियंत्रण

  • मानवरहित दंडात्मक कार्रवाई भी संभव

मुंबई – मार्च २०२६ से मुंबई की यातायात व्यवस्था पूर्णतः कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नियंत्रण में आ गई है । यह प्रणाली मुंबई यातायात पुलिस की ई-चालान प्रणाली से संबद्ध की गई है । इसके कारण विपरीत दिशा में वाहन चलाना, संकेत (सिग्नल) उल्लंघन तथा मार्गिका (लेन) के उल्लंघन जैसे कार्य इस प्रणाली के तत्काल संज्ञान में आते हैं एवं मानवीय हस्तक्षेप के बिना दंडात्मक कार्रवाई भी की जाती है । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशानुसार महाराष्ट्र सरकार ने ‘एआई’ पर आधारित यातायात प्रबंधन योजना को गति प्रदान की । ‘ब्लैक स्पॉट्स’ (यातायात नियंत्रण के पारंपरिक साधन जहां अपर्याप्त सिद्ध होते हैं) वाले स्थानों की समस्याओं का समाधान करना, इस योजना का मुख्य उद्देश्य है । बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, अंधेरी तथा चांदीवली आदि क्षेत्रों में इस प्रणाली का विशेष कार्यान्वयन किया जा रहा है ।

नई यातायात प्रणाली के लाभ !

१. इस प्रणाली की कोई मानवीय सीमाएं नहीं हैं । अतः स्थान-स्थान पर स्थापित किए गए कैमरों के माध्यम से एआई वाहनों की संख्या, घनत्व तथा पंक्तियों की लंबाई का भी मापन करता है ।

२. यह प्रणाली यातायात संकुलन को नियंत्रित करती है । यदि किसी मार्ग पर २ किलोमीटर लंबा जाम लगा है; किंतु दूसरी ओर केवल तीन ही रिक्शा हैं, ऐसी स्थिति में यह प्रणाली रिक्त मार्गिका के ‘हरित समय’ (ग्रीन सिग्नल टाइम) को न्यून कर उसे भीड वाले मार्ग को प्रदान कर देती है । यह प्रक्रिया मात्र कुछ ही क्षणों में पूर्ण होती है ।

३. यह प्रणाली केवल वर्तमान पर कार्य नहीं करती , अपितु यह भविष्य का अनुमान भी लगाती है । १५ मिनट पश्चात कहां यातायात बाधित होने वाला है, यह पूर्व में ही ज्ञात हो जाता है । इसके अनुसार ‘ग्रीन वेव’ (निरंतर हरित संकेत रखना) द्वारा यातायात को सुगम बनाया जाता है ।

४. यदि किसी मार्ग पर प्रत्येक मंगलवार की प्रातः यातायात का व्यस्त समय होता है, तो आगामी सप्ताह में उसी दिन उसी समय वहां के संकेत (सिग्नल) का समय पूर्व में ही परिवर्तित हो जाता है ।

५. अंधेरी पूर्व-पश्चिम मार्गों पर किए गए प्राथमिक परीक्षणों में प्रतीक्षा अवधि में १२ से १८ प्रतिशत तक की कमी पाई गई है ।

संपादकीय भूमिका 

महाराष्ट्र शासन का प्रशंसनीय प्रयास !