भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध का संकट स्थायी ! – US Intelligence Report

अमेरिका की गुप्तचर विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड

वॉशिंग्टन (अमेरिका) – अमेरिका की ‘सीनेट’ (संसद के उच्च सदन) में प्रस्तुत अमेरिकी गुप्तचर तंत्र की ३४ पन्नों की ‘वार्षिक संकट मूल्यांकन’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत एवं पाकिस्तान के संबंधों में परमाणु युद्ध का संकट बना हुआ है । इसका कारण यह है कि भूतकाल में जब भी ये दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश आमने-सामने आए हैं, तब तनाव बढने की स्थिति बनी है ।

यद्यपि भारत एवं पाकिस्तान प्रत्यक्ष युद्ध नहीं चाहते, फिर भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिनमें आतंकी तत्व निरंतर संकट की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं । पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास हुए आतंकी आक्रमण ने यह दिखाया कि आतंकवादी घटनाएं युद्ध की चिंगारी भडका सकती हैं । राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्तक्षेप से कुछ दिनों में परमाणु तनाव कुछ सीमा तक अल्प हुआ था ।

पाकिस्तानी मिसाइलों से अमेरिका को संकट ! – तुलसी गबार्ड

आनेवाले समय में विश्व में संकटकारी मिसाइलों की संख्या तेजी से बढ सकती है । पाकिस्तान ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर रहा है, जो भविष्य में अमेरिका पर आक्रमण कर सकती हैं । यह जानकारी अमेरिका की गुप्तचर विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने वॉशिंग्टन में सांसदों एवं अधिकारियों की बैठक में दी ।

अमेरिका पर आक्रमण कर सकनेवाली ३ सहस्र मिसाइलें

गबार्ड ने बताया कि गुप्तचर समुदाय का अनुमान है कि वर्तमान में लगभग ३ सहस्र ऐसी मिसाइलें हैं, जो अमेरिका पर आक्रमण करने में सक्षम हैं; परंतु वर्ष २०३५ तक यह संख्या १६ सहस्र से अधिक हो सकती है ।

रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान एवं पाकिस्तान जैसे देश नई मिसाइल तकनीक एवं हथियार विकसित कर रहे हैं । पाकिस्तान अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर सकता है, जो बहुत लंबी दूरी तक मार कर सकती हैं । वहीं, ईरान भी २०३५ से पहले ऐसी क्षमता विकसित कर सकता है ।

रूस एवं चीन अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली को भेद सकते हैं !

गबार्ड ने कहा कि चीन तथा रूस ऐसे उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं, जो अमेरिका की मिसाइल रक्षा प्रणाली को पार कर सकते हैं ।

गबार्ड के उत्तर से सांसदों में आक्रोष

बैठक के समय वर्जीनिया के सांसद मार्क वॉर्नर ने गबार्ड से पूछा कि क्या उन्होंने ट्रम्प को परामर्श दिया था कि यदि ईरान को लक्ष्य बनाया गया, तो वह खाडी देशों पर आक्रमण कर सकता है तथा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है ?

इस प्रश्न का गबार्ड ने सीधा उत्तर नहीं दिया । उन्होंने कहा कि वह आंतरिक संवाद को उजागर नहीं करतीं तथा न ही करेंगी । उन्होंने यह भी कहा कि गुप्तचर तंत्र के सभी सदस्य राष्ट्रपति को निर्णय लेने में सहायता के लिए उपलब्ध सर्वोत्तम वस्तुनिष्ठ गुप्त जानकारी प्रदान करते हैं ।

संपादकीय भूमिका 

भारत एवं पाकिस्तान दोनों ही परमाणु हथियारों संपन्न देश हैं, इसलिए उनके मध्य तनाव की स्थिति में परमाणु युद्ध का संकट सदैव बना रहता है । साथ ही, अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को विभिन्न प्रकार की सहायता दिए जाने के कारण यह संकट भारत के लिए अधिक प्रतीत होता है । इस पर अमेरिका क्यों नहीं बोलता ?