London Sikh Restaurant Attack : हलाल मांस विक्रय करना अस्वीकार करने पर पाकिस्तानी मुसलमानों द्वारा सिख व्यक्ति के अल्पाहार गृह पर आक्रमण

  • लंदन (ब्रिटेन) की घटना

  • पुलिस ने मुसलमानों को बंदी करने के स्थान पर स्वामी को ही बंदी बनाया

लंदन (ब्रिटेन) – यहां हैमरस्मिथ क्षेत्र में हरमन कपूर के ‘रंगरेज’ नामक अल्पाहार गृह में हलाल मांस विक्रय ना करने के निर्णय के कारण लगभग १०० से अधिक पाकिस्तानी मुसलमानों की भीड ने आक्रमण कर दिया । विशेष बात यह है कि इस में लंदन पुलिस ने हरमन कपूर को ही बंदी बना लिया ।

हलाल मांस विक्रय करने के लिए दबाव !

छूटने के उपरांत हरमन कपूर ने कहा:

१. १४ मार्च को उन्होंने अल्पाहार गृह पर एक सूचना फलक लगाया जिसमें लिखा था कि “यहां हलाल मांस उपलब्ध नहीं है ।” इसके उपरांत विवाद प्रारंभ हो गया । सूचना फलक लगाने के उपरांत पाकिस्तानी लोगों की भीड एकत्रित हो गई । अल्पाहार गृह में तोडफोड का प्रयास किया गया एवं उन पर आक्रमण भी किया गया । उन्होंने अपनी कृपाण (धार्मिक हथियार) से आत्मरक्षा की । इस समय उनके घर पर भी आक्रमण किया गया ।

२. पुलिस ने भी मुसलमानों का पक्ष लिया। आरोपियों को बंदी करने के स्थान पर उन्हें ही बंदी बनाया गया; यद्यपि उसके उपरांत जांच करके छोड दिया गया । पुलिस ने कहा कि आक्रमण करने वालों को शस्त्र दिखाना अपराध है एवं लंदन में यह अवैधानिक है ।

३. सिख गुरुओं ने आत्मरक्षा के लिए कृपाण रखने को कहा है । उन्होंने अपने परिवार की रक्षा की, किसी पर आक्रमण नहीं किया । वर्ष २०२३ से वे खालिस्तानी एवं मुसलमानों के लक्ष्य पर हैं । उनका कहना है कि उन्हें बंदी इसलिए बनाया गया क्योंकि उनका नाम ‘खान’ नहीं है । उन पर हलाल मांस विक्रय करने का दबाव बनाया जा रहा है । अपने व्यवसाय को संरक्षित करने के लिए उन्हें विश्व भर के सिखों से सहायता का आवाहन करना पड रहा है ।

दूसरी ओर विरोध कर रहे मुसलमानों का कहना है कि कपूर ने उन्हें उत्तेजित किया, घृणास्पद भाषण दिया, मुसलमानों की आलोचना की एवं कृपाण दिखाकर धमकाया ।

अल्पाहार गृह बंद करने की घोषणा

१४ मार्च को आक्रमण एवं बंदीकरण के उपरांत हरमन कपूर ने १५ मार्च को अपना अल्पाहार गृह बंद करने की घोषणा की । इसके उपरांत ब्रिटेन में यह चर्चा प्रारंभ हो गई कि “क्या किसी व्यापारी को अपने अल्पाहार गृह का भोज्य पदार्थ चुनने का अधिकार भी नहीं है ?” यह मुद्दा अब एक बडा प्रश्न बन गया है । लोग सामाजिक माध्यमों पर पूछ रहे हैं कि पुलिस ने आक्रमणकारी भीड को छोड़कर स्वामी को क्यों बंदी बनाया ।

वर्ष २०१० में प्रारंभ हुआ था ‘रंगरेज’ अल्पाहार गृह

हरमन कपूर ने अफगानिस्तान से आकर २०१० में यह अल्पाहार गृह प्रारंभ किया था । प्रारंभ से ही उन्होंने हलाल मांस विक्रय न करने का निर्णय लिया । उनका कहना है कि उनके अल्पाहार गृह में मांस मिलता है, किन्तु वह ‘झटका’ पद्धति का होता है । सिख होने के कारण उन्होंने कभी हलाल मांस की बिक्री नहीं की । २०२३ में जब उन्होंने इसका सूचना फलक लगाया, तब छोटे विवाद प्रारंभ हुए । इसके उपरांत अल्पाहार गृह पर अंडे फेंके गए । उनका कहना है कि यह सब इसलिए हुआ क्योंकि वे खालिस्तान का विरोध करते हैं ।

हलाल एवं झटका मांस में अंतर

हलाल मांस में जानवर का मुंह मक्का की ओर करके उसकी ग्रीवा की नस निर्दयता से काटी जाती है एवं उसे धीरे-धीरे तडफ-तडफ कर मरने दिया जाता है, जिससे अधिक रक्त बहता है । इसके विपरीत हिन्दू एवं सिख धर्म में ‘झटका’ पद्धति अपनाई जाती है, जिसमें एक ही वार में जानवर का सिर काट दिया जाता है, जिससे उसे कम पीडा होती है ।

संपादकीय भूमिका 

यह ब्रिटेन के इस्लामी देश में बदलने का एक छोटा उदाहरण है ! जैसे इस्लामी देशों में अन्य धर्मों के लोगों को पलायन करना पडता है, वैसा ही अब ब्रिटेन में भी होगा । यह अन्य धर्मों के लोगों को समझ लेना चाहिए !