
आगरतला (त्रिपुरा) – घर में बालकों से उनकी मातृभाषा में संवाद साधने पर उनका संस्कृति, परम्परा एवं इतिहास के साथ अधिक घनिष्ठ सम्बन्ध रहता है । बालकों ने अपनी मातृभाषा की उचित पहचान रखने के लिए अभिभावकों द्वारा घर में वह भाषा बोलना आवश्यक है । घर का वार्तालाप मातृभाषा में न होने पर बालक अपनी भाषिक एवं सांस्कृतिक जडों से दूर हो सकते हैं, ऐसा मार्गदर्शन केन्द्रीय गृहमन्त्री अमित शाहजी ने यहां राजभाषा सम्मेलन में किया ।
Language is our identity! 🗣️✨
Union Home Minister Amit Shah urged families to speak to children in their mother tongue at home, warning that losing it can disconnect future generations from their literature, history & traditions.
Preserve your roots. Protect your language.… pic.twitter.com/nfB614bueW
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) February 22, 2026
गृहमन्त्री शाहजी आगे बोले कि भाषा एवं लिपि के उपयोग पर राजनीति करना टालना चाहिए । भाषा यह बालकों की विचारशक्ति, आत्मसम्मान एवं सांस्कृतिक पहचान का प्राथमिक साधन होने से मातृभाषा संजोई जानी चाहिए । सरकार प्राथमिक शिक्षा में विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में सीखने पर बल दे रही है, जिससे भाषा एवं परम्परा बनाए रखने में सहायता होगी ।
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