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ढाका (बांग्लादेश) – शेख हसीना सरकार के समय अनेक हिन्दुओं को उनके घरों से निकालकर प्रताडित किया गया । हमारे पास इसके प्रमाण हैं; परंतु भारत ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की । मुझे नहीं लगता कि भारत कथित बांग्लादेशी अल्पसंख्यक हिन्दुओं के लिए कुछ करना चाहता है, ऐसा आरोप बांग्लादेश में सत्ता में आनेवाली बांग्लादेश नेशनल पार्टी (BNP) के ढाका से निर्वाचित सांसद गायेश्वर चंद्र रॉय ने भारत के एक दैनिक को दिए साक्षात्कार में किया । गायेश्वर चंद्र रॉय पूर्व में बी.एन.पी. सरकार के समय मंत्री भी रह चुके हैं ।
🚨 Strong words from 🇧🇩
Gayeshwar Chandra Roy, Hindu MP of the ruling BNP, alleges:
“India has no desire to do anything for the Hindus in Bangladesh.”He claims atrocities against Hindus occurred even during Sheikh Hasina’s tenure – and India remained silent.
Given India’s… pic.twitter.com/YJtAekw0Up
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) February 17, 2026
गायेश्वर चंद्र रॉय द्वारा साक्षात्कार में रखे गए प्रमुख बिंदु
१. हसीना ने केवल अल्पसंख्यकों को ही नहीं, अपितु सभी को कष्ट दिया । मैं हिन्दू समुदाय से हूं, आप मुझे अल्पसंख्यकों का नेता कहते हैं; फिर भी मुझे यह कहलाना पसंद नहीं है । हसीना सरकार ने मुझे भी कष्ट दिया, दर्जनों अभियोग प्रविष्ट किए, जेल भेजा । तब किसी ने नहीं कहा कि अल्पसंख्यकों को प्रताडित किया जा रहा है । तब भारत ने भी कुछ नहीं कहा ।
२. यदि अवामी लीग के किसी हिन्दू नेता पर राजनीतिक कारणों से आक्रमण किया होता है, तो आप अल्पसंख्यकों की बात करने लगते हैं । २३ मार्च १९७३ को शेख मुजीबुर रहमान ने रमना काली के ऐतिहासिक मंदिर पर आक्रमण किया था । तब भी भारत ने कोई प्रश्न नहीं उठाया । वर्ष २००१ में, जब खालिदा जिया प्रधानमंत्री थीं, तब मैंने उस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया । आप जाकर वह मंदिर देख सकते हैं ।
३. शेख हसीना की अवामी लीग के नेताओं ने अनेक मंदिरों पर आक्रमण किए, हिन्दुओं की भूमि अधिग्रहण कीं; परंतु इसकी कभी चर्चा नहीं हुई ।
४. पिछले कुछ दिनों में अल्पसंख्यकों की जो हत्याएं हुई हैं, वे राजनीतिक हत्याएं हैं । (यदि बांग्लादेश में सत्ता में आनेवाले एक हिन्दू नेता की ऐसी मानसिकता है, तो वहां के हिन्दुओं का भला होने की अपेक्षा करना व्यर्थ होगा ! – संपादक) किसी को भी धर्म के कारण नहीं मारा गया । चुनाव के समय दक्षिण एशिया के हर देश में कुछ न कुछ होता रहता है । आपको भी यह समझना चाहिए, ताकि अल्पसंख्यकों के बारे में यह प्रचार बंद हो ।
५. भारत ने १९७१ में हमारी सहायता की; परंतु उसे यह समझना चाहिए कि केवल एक दल से मित्रता करके काम नहीं चलेगा । मित्रता देशों, लोगों एवं सरकारों के बीच होनी चाहिए । हमारी भाषा, संस्कृति एवं विचारधारा सब कुछ समान है । भारत को लगता था कि बांग्लादेश में केवल हसीना ही सरकार है । बांग्लादेश के लोग कभी भारत-विरोधी नहीं थे, वे अवामी लीग के विरोध में थे । भारत ने सदैव अवामी लीग को प्रोत्साहित किया ।
६. भारत एवं बांग्लादेश के संबंध सुधारने के लिए भारत को पहले यह स्वीकार करना होगा कि उसने जो किया वह अनुचित था । भारत के उच्चायुक्त ने मुझे कभी नहीं बुलाया; परंतु ५ अगस्त २०२५ के पश्चात संबंध सुधारने का अत्यधिक प्रयास किया गया । पिछले १७ वर्षों में उन्होंने मुझे कभी नहीं बुलाया, उन्हें मेरा नाम भी पता नहीं था । अब उन्हें लगता है कि मेरे पास सत्ता आ रही है, इसलिए वे मुझसे मिलने का प्रयास कर रहे हैं । उन्हें समझना चाहिए कि उन्होंने त्रुटि की है । उन्हें अपनी विदेश नीति में परिवर्तन करना चाहिए । मेरा मानना है कि पडोसियों से अच्छे संबंध होना बहुत महत्त्वपूर्ण है । मित्रता में बडे या छोटे देश का प्रश्न नहीं होता, समान स्तर पर संबंध स्थापित किए जाते हैं ।
७. शेख हसीना को वापस आकर न्यायालय का सामना करना चाहिए । भारत को उन्हें लंबे समय तक शरण नहीं देनी चाहिए । यह भारत के लिए लज्जाजनक है । भारत ने सभी अपराधियों को कोलकाता में शरण दी है । उन सभी को लौटकर न्यायालय का सामना करना चाहिए ।
८. हमारा कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाना समाधान नहीं है । अवामी लीग पर भी प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए । हमारे दल ने इस संबंध में वक्तव्य भी जारी किया था । यदि अवामी लीग चुनाव लडती, तो हमारे दल की जीत और भी बडी होती ।
९. मुझे निश्चित रूप से भारत जाना है; परंतु भारत मुझे वीजा (किसी देश में प्रवेश, वहां से प्रस्थान या वहां से होकर यात्रा करने की आधिकारिक अनुमति) नहीं दे रहा है । कोलकाता, दिल्ली, मुंबई आदि प्रत्येक स्थान में मेरे अनेक परिचित हैं, मैं उनसे मिलना चाहता हूं ।
संपादकीय भूमिका
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India-Nepal Border Dispute : नेपाल के साथ सीमा विवाद में किसी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं – भारत
बांग्लादेश के विरोध के कारण घुसपैठियों को सीमा पार वापस भेजना हुआ कठिन ।
सर्वोच्च न्यायालय में ५ नए न्यायाधीश, अब एक पद रिक्त !
(और इनकी सुनिए …) ‘भारत में रहने से मुझे लज्जा आती है !’ – Kapil Sibal, Congress
नेपाल ने अनेक स्थानों पर भारत की भूमि हडप ली । – Nepal PM Balen Shah
जनरल सुब्रमणी ने देश के नये सी.डी.एस्. पद का कार्यभार स्वीकार किया