|
मुंबई – अल्पसंख्यक विभाग ने केवल ४ दिनों की अल्पावधि में ७५ शिक्षण संस्थाओं को अल्पसंख्यक श्रेणी प्रदान किया है । उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के कुछ घंटों पश्चात ही ये प्रमाणपत्र वितरित किए गए । अगस्त २०२५ से इन प्रमाणपत्रों के वितरण पर रोक लगाई गई थी; किंतु अजित पवार के निधन के पश्चात इस रोक की अवहेलना करते हुए मंत्रालय से ही प्रमाणपत्रों का वितरण किया गया । इस घटना की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया है, साथ ही इन प्रमाणपत्रों पर स्थगन आदेश निर्गत करने का निर्णय लिया है ।
🚨 Minority Status Certificates Suspended for 75 Institutions
Mumbai: CM Fadnavis revokes minority status granted to 75 educational institutions – certificates that were issued directly from Mantralaya – shortly after the accidental death of Dy CM Ajit Pawar.
How did the… pic.twitter.com/2sPXlk608g
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) February 16, 2026
१. प्रथम प्रमाणपत्र २८ जनवरी के दिन अर्थात अजित पवार के आकस्मिक निधन के दिन ही दोपहर ३.३९ बजे दिया गया । इस दिन कुल ७ संस्थाओं को प्रमाणपत्र दिए गए । ४ दिनो में ७५ प्रमाणपत्र वितरित किए गए ।
२. अनेक विद्यालयों को शासकीय कार्यसमय की समाप्ति के पश्चात सायंकाल ६.४५ , ६.५८ बजे प्रमाणपत्र प्रदान किए गए ।
३. ७५ में से २५ विद्यालय पोद्दार इंटरनेशनल विद्यालय के हैं । सेंट जेवियर्स के ५ विद्यालयों को अल्पसंख्यक स्तर प्रदान किया गया है ।
विद्यालयों को अल्पसंख्यक श्रेणी की आवश्यकता के कारण !१. अल्पसंख्यक विद्यालयों पर ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ लागू नहीं होता । २. २५ प्रतिशत निर्धन विद्यार्थियों के प्रवेश का कोई बंधन नहीं होता । ३. शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य नहीं होती । ४. सूचना का अधिकार अधिनियम भी प्रभावी नहीं होता । ५. शिक्षकों को पदोन्नति में विशेष सुविधा प्राप्त होती है । ६. करोडो रुपयों का दान एवं अनुदान प्राप्त करने की अनुमति होती है । |
विषयकारक प्रकरण की जांच होनी चाहिए ! – राज्य अल्पसंख्यक आयोग
इस प्रकरण में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारेखान ने कहा, ‘‘ ७५ शिक्षण संस्थाओं को अल्पसंख्यक स्तर प्रदान करने का यह प्रकार अत्यंत भयावह है । इस प्रकरण के दोषी अधिकारियों की जांच कर उन पर मकोका के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किए जाने चाहिए । ’’
संपादकीय भूमिका
|

Corporate Jihad : पीडित युवतियों को दिखाए जा रहे थे जाकिर नाइक तथा पाकिस्तानी मौलवी तारिक जमील के वीडियो !
दूध तथा दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्राथमिकता से की जाएगी कार्रवाई !
बदायूं (उत्तर प्रदेश) में मुसलमान अधिकारी द्वारा धार्मिक उत्पीडन के कारण हिन्दू पुलिस निरीक्षक ने आत्महत्या की
विसर्जित श्रीगणेशमूर्तियों के ‘पीओपी’ से बनाई जाएंगी चौकियां (बेंच), ईंटें तथा सुशोभन की वस्तुएं !
नागपुर में मानसिक तनाव के कारण ‘नीट’ परीक्षार्थी छात्रा ने की आत्महत्या
(और इनकी सुनिए …) ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ ये सभी मूर्खतापूर्ण बातें – Abu Azmi