‘वंदे मातरम्’ गाने का खालिस्तान समर्थक ‘दल खालसा’ का विरोध

अमृतसर (पंजाब) – ‘वंदे मातरम्’ को स्कूलों, महाविद्यालयों आदि में अनिवार्य करने का निर्णय भारतीयता के नाम पर हिन्दुत्व विचारधारा को सिख समुदाय पर थोपने का प्रयास है । हम सिख होने के कारण इसे स्वीकार नहीं करेंगे । यह निर्णय सिख समुदाय की भावनाओं एवं उनकी धार्मिक पहचान के विरुद्ध है, ऐसी प्रतिक्रिया खालिस्तान का समर्थन करनेवाली सिख संगठन ‘दल खालसा’ के नेता कंवरपाल सिंह बिट्टू ने एक वक्तव्य जारी कर व्यक्त की है ।
कंवरपाल सिंह बिट्टू ने पूरे सिख समुदाय से अपील की है कि वे इस निर्णय को न मानें तथा इसे वापस लेने की मांग करें । उनका कहना है कि यह निर्णय सिख संस्कृति पर एक विशेष विचारधारा थोपने जैसा है, जो सिख परंपराओं से मेल नहीं खाती । यह एक सूक्ष्म आक्रमण है । सिखों को इस सूत्र को गंभीरता से समझना चाहिए एवं इसका विरोध करना चाहिए । यदि भारत सरकार या पंजाब सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का निर्णय छल, कपट या किसी गुप्त एजेंडा के अंतर्गत सिख समुदाय पर थोपा गया, तो पहले भी उसका विरोध किया गया है तथा आगे भी किया जाता रहेगा ।
खालिस्तान समर्थक ‘दल खालसा’ की जानकारी
‘दल खालसा’ एक सिख धार्मिक संगठन है । इसकी स्थापना वर्ष १९७८ में पंजाब में हुई थी । यह संगठन सिख समुदाय के धार्मिक एवं राजनीतिक विषयों को उठाने का प्रयास करता है । सिखों के कथित अधिकारों, पंजाब से जुडे सूत्रों ( मुद्दे) एवं खालिस्तान की मांग को लेकर इस संगठन ने समय-समय पर आंदोलन किए हैं ।
संपादकीय भूमिका
|
Suhail Arrested : श्रीराम मंदिर को बम से उडाने का षड्यंत्र रचने वाले सुहेल को कर्नाटक से बंदी बनाया गया
India Slams Bangladesh : अल्पसंख्यकों पर अत्याचार एवं उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ होनेवाला खेल भारत सहन नहीं करेगा !
( और इनकी सुने …) ‘क्या सरकार अब भा.ज.पा. की ही भूमिका अपना रही है ?’ – Udhayanidhi Stalin
देवस्थान भूमि के संदर्भ में सरकारी देवस्थान समिति की पहली बैठक संपन्न हुई !
गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो ! – पू. किशोरशास्त्री दवे
India UAE BrahMos Deal : संयुक्त अरब अमीरात भारत से ‘ब्राह्मोस’ क्षेपणास्त्र क्रय पर कर रहा है चर्चा !