Vinod Yadav : अगर कुछ मुसलमान अच्छे होते, तो उन्होंने कश्मीर में हिन्दुओं को क्यों नहीं बचाया ?

‘धर्मरक्षक’ संगठन के संस्थापक अध्यक्ष विनोद यादव का वक्तव्य 

‘धर्मरक्षक’ संगठन के संस्थापक अध्यक्ष विनोद यादव

भोपाल (मध्यप्रदेश) – जो लोग कहते हैं कि इस पृथ्वी पर अच्छे लोग भी (मुसलमान भी) होते हैं, सभी लोग बुरे नहीं होते, तो मैं आपसे पूछता हूं, कश्मीर में अच्छे लोग नहीं थे क्या ? हिन्दुओं के मंदिर तोडे गए, बहनों – बेटियों को जला दिया गया, फिर अच्छे लोगों ने उन्हें क्यों नहीं बचाया ? याद रखिए, ये अच्छे लोग आपको बचा नहीं सकते । इसलिए अच्छाई के इस चक्र में मत फंसिए, ऐसा स्पष्ट वक्तव्य मध्यप्रदेश के ‘धर्मरक्षक’ संगठन के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ विनोद यादव ने दिया । वे यहां आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे ।

श्री यादव द्वारा दिए गए महत्त्वपूर्ण वक्तव्य –

१. १०० करोड हिन्दुओं के देश में श्रीराम की अयोध्या में आज अर्धसैनिक बल क्यों तैनात है ?

जो लोग कह रहे हैं कि ‘हिन्दुओं को कोई डर नहीं हैं ’, तो हिन्दुओं को यह याद रखना चाहिए कि ऐसे वक्तव्य केवल राजनीति के कारण दिए जा रहे हैं । यदि हिन्दुओं को कोई डर नहीं होता, तो आपके श्रीराम के लिए अयोध्या में अर्धसैनिक बल का केंद्र क्यों स्थापित करना पडता ? आपके देवता को किससे डर है ? क्या आपने कभी किसी मस्जिद के सामने अर्धसैनिक बल या सेना के नियुक्त होने के बारे में सुना है ? क्या किसी चर्च के सामने ऐसा अर्धसैनिक बल नियुक्त किए जाने के बारे में सुना है ? फिर १०० करोड हिन्दुओं के देश में आज अयोध्या में अर्धसैनिक बल क्यों तैनात है ?

२. २० वर्ष बाद इस देश का प्रधानमंत्री मुसलमान होगा ?

जब आप १०० करोड बहुसंख्यक हैं तथा राज्यों में आपकी सरकारें हैं, तब भी यह स्थिति है । कल २० वर्ष बाद जब आपकी सरकारें नहीं होंगी, तब आपकी स्थिति क्या होगी, इस पर विचार कीजिए । जनसंख्या कम करने (वृद्धि रोकने) का जो संघर्ष है, वह इसी कारण है । इसके लिए देश में अनेक सर्वेक्षण हुए हैं । भाइयों, मैं आपको भडका नहीं रहा हूँ, मेरी बात पर विश्वास मत कीजिए । आपके मोबाइल में ‘एआई’ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – कृत्रिम बुद्धिमत्ता) है, उससे पूछिए – ‘आने वाले २० वर्षों में जिस गति से मुसलमान और हिन्दुओं की जनसंख्या बढ रही है, उसके आधार पर केवल २० वर्षों के आंकडे गिनकर बताओ कि किसकी जनसंख्या अधिक होगी ?’ आपका मोबाइल ‘हिन्दू – मुसलमान’ नहीं करेगा । वह आपको वास्तविक जनसंख्या बताएगा । उससे आपको समझ में आएगा कि २० वर्ष बाद इस देश का प्रधानमंत्री मुसलमान होगा । एक बार इस देश का प्रधानमंत्री मुसलमान हो गया, तो वह ऐसी अंधेरी रात होगी, जिसकी कभी सुबह नहीं होगी । तब यह खाटू श्याम की भजन संध्या नहीं हो सकेगी । तब आप गाय को नहीं बचा सकेंगे । कश्मीर की तरह आपकी बहनों – बेटियों के साथ छेडछाड की जाएगी, यह याद रखिए ।

संपादकीय भूमिका

‘बुरे मुसलमान – अच्छे मुसलमान’ यह कथानक धर्मनिरपेक्षतावादियों द्वारा फैलाया गया कथानक है । यदि यह कथानक नहीं है, तो यादव द्वारा किए गए वक्तव्य को खुली चुनौती देने का साहस क्या ये अवसरवादी दिखाएंगे ?