|

पुणे – वेद अध्ययन को अब 10वीं, 12वीं के समकक्ष मान्यता देने का निर्णय लिया गया है । इसके अनुसार ‘महर्षि संदीपनि राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा मंडल’ का ‘वेदभूषण’ प्रमाणपत्र 10वीं के लिए तथा ‘वेदविभूषण’ प्रमाणपत्र 12वीं के लिए समकक्ष माना जाएगा . ये प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ‘अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद’ (ए . आई . सी . टी . ई .) से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेना संभव होगा ।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस शिक्षा मंडल को ‘अधिकृत शिक्षा’ के रूप में मान्यता दी है । इस मंडल द्वारा दिए जाने वाले प्रमाणपत्र देशभर के केंद्रीय और राज्य बोर्ड की 10वीं और 12वीं के प्रमाणपत्रों के समान ही अधिकृत होंगे । इन प्रमाणपत्रों के आधार पर विद्यार्थी उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश (चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा), अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों तथा केंद्र और राज्य सरकार की नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे, ऐसा उल्लेख किया गया है ।

‘महर्षि संदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान’ द्वारा ‘महर्षि संदीपनि राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा मंडल’ नाम से एक स्वतंत्र विद्यालयी शिक्षा मंडल की स्थापना की गई है । वैदिक शिक्षा को मुख्यधारा में लाने तथा वेद अध्ययन को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 100 करोड रुपये का प्रावधान किया गया है . इन प्रमाणपत्रों को ‘भारतीय विश्वविद्यालय संघ’ द्वारा अधिकृत मान्यता प्राप्त है । इसलिए ये देशव्यापी शिक्षा के लिए वैध माने जाएंगे ।
वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी
काशी, मथुरा तथा संभल के मंदिर-मस्जिद विवाद में सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने ठुकराया
Ram Mandir Donation Theft : श्रीराम मंदिर दान चोरी प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस
लोकल रेलगाडी में वातानुकूलन यंत्र १५ मिनट तक बंद रहा यात्रियों का दम घुटा तथा अनेक महिलाएं अचेत हुईं
Sri Mahakaleshwar Temple : मंदिर के पास ४७२ करोड रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) तथा ३०० करोड रुपये मूल्य का स्वर्ण-रजत !
हिन्दुओं का धर्मांतरण करानेवाले पुलिस उपनिरीक्षक के ईसाई पिता को बंदी बनाया !