(और इनकी सुनिए…) “मैं विदेश में जाकर अपने देश के विरुद्ध वक्तव्य नहीं दूंगा !” – D K Shivakumar

उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का वक्तव्य

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार

बेंगलुरु (कर्नाटक) – “मैं किसी दूसरे देश में जाकर अपने देश के विरुद्ध वक्तव्य नहीं दूंगा ,” ऐसा कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा । सामाजिक माध्यम के इस प्रश्न पर कि “जब राहुल गांधी कहते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था ठीक नहीं है, किन्तु आप भारत की प्रशंसा कर रहे हैं ?,” शिवकुमार ने उत्तर दिया कि राहुल गांधी ने यह वक्तव्य किस परिस्थिति में एवं किस अर्थ में दिया है, यह उन्हें ज्ञात नहीं है । उन्होंने देश के विरुद्ध कोई वक्तव्य नहीं दिया है, अपितु आंतरिक व्यवस्था पर टिप्पणी की है ।  (अर्थव्यवस्था एवं आंतरिक व्यवस्था भिन्न-भिन्न तत्व हैं, यह तो एक बालक की भी समझ में आ जाएगा । मूल प्रश्न से मुख मोडनेवाली कांग्रेस के शिवकुमार का जितना भी विरोध किया जाए, कम है ! – संपादक)  शिवकुमार ने आगे कहा, “राजनीति के लिए मैं भारत की निंदा नहीं कर सकता ।”

उन्होंने आगे कहा,

“मुझे जो राजनीतिक अनुभव है एवं उसी आधार पर मैं यह कह रहा हूँ । मैं किसी भी दूसरे देश में जाकर अपने देश के लिए बाधा उत्पन्न नहीं कर सकता । हम अपने देश को न्यून नहीं आंक सकते । सर्व प्रथम हम भारतीय हैं । मैं अपने देश से प्रेम करता हूं एवं उसका सम्मान करता हूं । भारत के विकास में हम सभी का योगदान है ।”

संपादकीय भूमिका 

किसी भी राष्ट्रनिष्ठ राजनेता से यही अपेक्षित होता है, तथापि ऐसा कहने की आवश्यकता क्यों पडी ? इसलिए इस प्रकार का वक्तव्य देने के स्थान पर, देश प्रेम से ओतप्रोत शिवकुमार क्या अपने ही दल के उन वरिष्ठ नेताओं का प्रबोधन करेंगे, जो विदेशों में देश की अस्मिता को धूल में मिला रहे हैं ?