Bangladesh Violence : बांग्लादेश के ४ शहरों में हिन्दुओं के ६ घरों में आगजनी

घायल ५ हिन्दुओं में से एक की स्थिति गंभीर !

ढाका (बांग्लादेश) – बांग्लादेश में पिछले २ दिनों में ४ शहरों में हिन्दुओं के ६ घर जला दिए गए हैं । झलोकाठी, लक्ष्मीपुर, सिलहट एवं चटगांव (चितगांव) इन चार शहरों की अलग-अलग घटनाओं में ५ हिन्दू घायल हुए हैं, जिनमें से एक की स्थिति चिंताजनक है । बांग्लादेश में एक महीने के भीतर हिन्दुओं के घरों को आग लगाने की १३ घटनाएं घट चुकी हैं ।

१. झलोकाठी के पीडित बिजॉय का कहना है कि, “बाहर निकलने पर तो आक्रमण का संकट रहता ही है; परंतु अब हम हिन्दू अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं । हम आखिर कहां जाएं ? पिछले लगभग डेढ वर्ष से हमारा प्रत्येक दिन भीभीत होकर बीत रहा है ।”

२. लक्ष्मीपुर की मिताली ने बताया कि, “कल रात अचानक शोर के कारण नींद खुल गई । बाहर मुस्लिम युवकों की भीड खडी थी । बच्चे डरकर रोने लगे । भीड ने घरों को आग लगा दी । हम तुरंत घर से बाहर भागे । अब सिर छिपाने के लिए भी स्थान नहीं बचा है । अपना सामान लेकर हम अपने सगे-संबंधियों के यहां रह रहे हैं ।”

३. सिलहट के व्यापारी प्रसन्नजीत ने बताया कि, “पुलिस एवं प्रशासन हमारी सुध लेने (संज्ञान लेने) को भी तैयार नहीं हैं । घर जलने के उपरांत सरकार ने रहने की कोई व्यवस्था नहीं की है ।”

भारत की सदैव की भांति ‘नरम’ प्रतिक्रिया !

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि, “बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को हिंसा रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ।”
(पिछले डेढ वर्ष से भारत इसी प्रकार की प्रतिक्रिया व्यक्त करता आ रहा है; परंतु इसका यूनुस सरकार एवं बांग्लादेश के मुसलमानों पर कोई प्रभाव नहीं हो रहा है तथा न ही आगे होगा । ऐसा प्रतीत होता है कि भारत केवल औपचारिकता निभाने के लिए प्रतिक्रिया दे रहा है । यह हिन्दुओं के लिए लज्जास्पद है ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका

बांग्लादेश में अंतिम हिन्दू के समाप्त होने तक ऐसे ही समाचार पढने पडेंगे !