मायावी विश्व की अपेक्षा कृतिशील जीवनशैली अपनाने का प्रस्ताव पारित ! – ABVP Adhiveshan

  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का अधिवेशन

  • ‘स्क्रीनटाइम’ बढना युवकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती होने की चर्चा !

(‘स्क्रीन टाइम’ बढने का अर्थ है चल – दूरभाष, संगणक, दूरचित्रवाणी, टेब्लैट जैसे डिजिटल उपकरणों के उपयोग की अवधि बढना)

अधिवेशन में दीप प्रज्वलन करते हुए मंत्री गिरीश महाजन, संगठन के पदाधिकारी और अन्य मान्यवर

नासिक, ११ जनवरी (संवाददाता) : चल – दूरभाष, संगणक, दूरचित्रवाणी, टैब्लेट आदि डिजिटल साधनों के उपयोग पर व्यतीत किया जानेवाला बढता ‘स्क्रीनटाइम’ युवकों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती सिद्ध हो रहा है । इसके उपाय के रूप में ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाईम’ अर्थात ही मायावी विश्व से बाहर आकर प्रत्यक्षरूप से कृतिशील जीवनशैली अपनाना अति आवश्यक है, ऐसा प्रस्ताव अिखल भारतीय विद्यार्थी परिषद के (अभाविप के) अधिवेशन में सर्वसम्मति से पारित किया गया । सांगली में की गई पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी गई । इस पत्रकार वार्ता में पश्चिम महाराष्ट्र प्रदेश मंत्री अथर्व कुलकर्णी, सांगली महानगर अध्यक्ष डॉ. सिद्धेश्वर जाधव एवं महानगर मंत्री अवनीश यादवाडे उपस्थित थे । इस अधिवेशन में कुल ७७६ प्रतिनिधि उपस्थित थे ।


पत्रकार परिषद में बताया गया कि,

१. ३ से ५ जनवरी की अवधि में अभाविप पश्चिम महाराष्ट्र प्रदेश का ६० वां ‘हिरक महोत्सवी’ अधिवेशन नासिक के वीर सावरकरनगर, डोंगरे छात्रावास मैदान में उत्साह के साथ संपन्न हुआ ।

२. इस अधिवेशन में युवकों के स्वास्थ्यसहित शैक्षणिक क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों पर गहन विचारमंथन किया गया ।

३. राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा लिया गया ‘कैरी ऑन’का (अनुत्तीर्ण छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश मिलने की सुविधा मिलना) निर्णय तथा शैक्षणिक समयसारणी में होनेवाली अनियमितताविद्यार्थ्यांना पुढील वर्षात प्रवेश मिळण्याची सोय होणे) निर्णय, तसेच शैक्षणिक वेळापत्रकातील अनियमितता का छात्रों की गुणवत्ता पर दूरगामी एवं नकारात्मक परिणाम होते हैं, इसके प्रति चिंता व्यक्त की गई ।

४. इस अधिवेशन में ‘नासिक की कुंभनगरी में शाश्वत विकास हो’, यह मांग करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया ।