बांग्लादेश में इस वर्ष हिन्दुओं पर ईशनिंदा से संबंधित ७१ प्रकरण !

(ईशनिंदा अर्थात मुसलमानों के श्रद्धाकेंद्रों का किया गया अपमान)

ढाका (बांग्लादेश) – बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के लिए कार्य करनेवाली संस्था ‘ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज’ की रिपोर्ट के अनुसार, जून से दिसंबर २०२५ की अवधि में हिन्दू अल्पसंख्यकों के विरुद्ध ईशनिंदा के कम से कम ७१ प्रकरण दर्ज किए गए हैं ।

रिपोर्ट में दी गई विस्तृत जानकारी

१. बांग्लादेश में हिन्दुओं को प्रताडित करने के लिए धर्मांधों द्वारा एक निश्चित पद्धति का उपयोग किया जा रहा है । सबसे पहले सोशल मीडिया पर अपमान करने का झूठा आरोप लगाया जाता है, जिसके तुरंत बाद गिरफ्तारी होती है और फिर भीड इकट्ठा होकर हिन्दू बस्तियों पर आक्रमण करती है । अब ईशनिंदा के आरोप, भय फैलाने और अल्पसंख्यकों को दबाने का एक प्रमुख शस्त्र बन गए हैं ।

२. ये घटनाएं देश के ३० से अधिक जिलों में फैली हुई हैं, जिनमें रंगपुर, चांदपुर, चटगांव, दिनाजपुर, खुलना, कुमिल्ला, गाजीपुर, टांगैल और सिलहट जैसे क्षेत्र मुख्य रूप से हैं ।

३. इतनी बडी संख्या में एक जैसी घटनाएं होना यह दर्शाता है कि ये केवल छिटपुट घटनाएं नहीं, अपितु अल्पसंख्यकों को लक्षित करने की एक सोची-समझी रणनीति है ।

४. अधिकतर प्रकरण फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइट्स से आरंभ होते हैं, जहां अधिकतर फर्जी पोस्ट का सहारा लिया जाता है अथवा अकाउंट हैक कर भ्रामक जानकारी प्रसारित की जाती है । बिना किसी ठोस जांच के, केवल मौखिक आरोपों पर पुलिस भीड के दबाव में आकर तत्काल कार्रवाई कर देती है । (३०.१२.२०२५)

संपादकीय भूमिका

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर आक्रमण करने के लिए धर्मांध मुसलमान झूठे आरोप लगाते हैं, जबकि भारत में स्थिति इसके विपरीत है । यहां हिन्दुओं के मंदिरों और धार्मिक यात्राओं पर प्रत्यक्ष आक्रमण होने पर भी धर्मांधों पर कोई भी कार्रवाई नहीं होती ।