Jama Masjid Survey : देहली के जामा मस्जिद परिसर में अवैध निर्माणों के सर्वेक्षण का उच्च न्यायालय का आदेश

  • शाही इमाम पर भूमि हडपने का आरोप

  • सर्वेक्षण के उपरांत कार्रवाई होगी

नई दिल्ली — देहली उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के समय दिल्ली नगर निगम को शाही जामा मस्जिद परिसर में अवैध निर्माणों का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है । इस सर्वेक्षण को पूरा करने के लिए न्यायालय ने दो मास की समय-सीमा दी है ।

१. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नगर निगम को याचिका में लगाए गए आरोपों पर विचार करते हुए आग्रहों की जांच करनी होगी । यदि अवैध निर्माण पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी ।

२. इस याचिका में नगर निगम के सार्वजनिक उद्यानों पर अतिक्रमण एवं जामा मस्जिद परिसर में किए गए अवैध निर्माणों को हटाने की मांग की गई थी । सार्वजनिक भूमि पर अवैध वाहन पार्किंग, अस्पताल एवं व्यावसायिक टपरियां बनाए जाने का आरोप लगाया गया है ।

३. याचिका में कहा गया है कि मस्जिद के समीप की रिक्त भूमि पर शाही इमाम (मस्जिद में नमाज पढाने वाले) एवं उनके संबंधीयों ने अवैध निर्माण किए हैं । इमाम, उनके परिवारजन एवं निकट सहयोगी मस्जिद का उपयोग व्यक्तिगत आय के लिए कर रहे हैं । याचिका के अनुसार यह कृत्य ‘धार्मिक पवित्रता एवं पुरातत्व विरासत संरक्षण नियम’ एवं दिल्ली नगर निगम अधिनियम का उल्लंघन है ।