अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोकराव मोडक का निधन

डॉ. अशोकराव मोडक

मुंबई – मुंबई विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के सेवानिवृत्त प्रोफेसर, पूर्व विधायक तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोकराव मोडक (८५ वर्ष) का कैंसर के कारण निधन हो गया । उन्होंने २ जनवरी को रात ९.१२ बजे मुंबई के हीरानंदानी अस्पताल में अंतिम सांस ली । उनके परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा तथा एक बेटी हैं । वे पिछले एक वर्ष से कैंसर से जूझ रहे थे ।

डॉ. अशोकराव मोडक का परिचय एवं कार्य !

डॉ. अशोकराव मोडक का जन्म १९४० में हुआ था । उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में एम.ए. तथा जे.एन.यू से ‘भारत को रूसी आर्थिक सहायता’ विषय पर पी.एच.डी की उपाधि प्राप्त की । इसलिए, उन्हें रूस की आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं का विशेषज्ञ माना जाता था । उन्होंने १९६३ से १९९४ तक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया । २०१५ में, भारत सरकार ने उन्हें ५ वर्ष के लिए राष्ट्रीय अनुसंधान प्रोफेसर का पद दिया । डॉ. अशोकराव मोडक एक प्रतिभाशाली शोधकर्ता थे और उन्होंने विभिन्न विषयों पर शोध किया है । उन्होंने १०४ शोध प्रबंध तथा ४० से अधिक पुस्तकें लिखी हैं । उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों में व्याख्यान दिए हैं ।

चतुरंगा प्रतिष्ठान की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार !

शिक्षा के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से कार्य करते हुए, वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से शिक्षण, अनुसंधान और छात्र एवं युवा विकास में सक्रिय रूप से सहभागी रहे । उन्होंने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विद्यापीठ के कुलाधिपति के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व निभाया । वे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सांसद भी रहे । मात्र दो दिन पहले, उन्हें महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित चतुरंग प्रतिष्ठान से लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्राप्त हुआ ।

वैचारिक चिंतन तथा शिक्षा एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में डॉ. अशोक मोडक का योगदान अतुलनीय है ! – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

वैचारिक मंथन, शिक्षा एवं संस्कृति के क्षेत्र में डॉ. अशोकराव मोडक का योगदान अतुलनीय था । उन्होंने भारतीय दर्शन, एकीकृत मानवतावाद, वीर सावरकर आदि पर व्यापक रूप से लिखा । मैं उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

डॉ. अशोकराव मोडक ने ही विधान परिषद में दैनिक समाचार पत्र ‘सनातन प्रभात’ पर हुए आक्रमण का मुद्दा सर्वप्रथम उठाया था !

वर्ष २००५ में, जब धार्मिक कट्टरपंथियों ने मिरज स्थित दैनिक समाचार पत्र ‘सनातन प्रभात’ के कार्यालय पर आक्रमण कर तोडफोड की, तब सर्वप्रथम डॉ. अशोकराव मोडक ने ही विधान परिषद में इस विषय को उठाया और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की । उन्हीं की मांग के कारण सत्य सामने और और घटना का खुलासा हुआ । सनातन परिवार उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है ।