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टोरंटो (कनाडा) – केरल के पादरी जेम्स चेरिकल को अल्पवयस्क बालिकाओं पर लैंगिक अत्याचार करने के प्रकरण में कनाडा में बन्दी बनाया गया है । बन्दी बनाने के उपरान्त टोरंटो स्थित आर्चडायसिस संस्था ने पादरी जेम्स चेरिकल को पद से हटा दिया है । चेरिकल को बन्दी बनाने के पश्चात सेंट जेरोम चर्च ने २५ दिसम्बर से ३ जनवरी की कालावधि में होनेवाले प्रार्थनासभाओं के कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं । (ऐसे वासनांध ईसाई पादरी अपने ईसाई बान्धवों को धर्म एवं नैतिकता की शिक्षा क्या देंगे ? – सम्पादक)
🚨 60-yr-old priest Fr James Cherickal, originally from Kerala, arrested in Canada for sexually assaulting minor girls.
He served the Roman Catholic Archdiocese of Toronto for ~30 years and was posted at St. Jerome’s Church last year.
Across the world, such crimes by priests… pic.twitter.com/F4c1P4rh2y
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) December 31, 2025
१. ६० वर्षीय पादरी जेम्स चेरिकल ३० वर्षों से टोरंटो ‘आर्चडायसिस’ के अन्तर्गत विविध भागों में सेवा दे रहा था । एक वर्ष पूर्व उसकी नियुक्ति सेंट जेरोम चर्च में हुई थी ।
२. केरल से स्थानान्तरित हुए कैथोलिक बान्धवों के लिए स्थापित किए गए सिरो-मालाबार चर्च में भी उसने सेवा दी है ।
३. कनाडा जाने से पूर्व जेम्स चेरिकल ने केरल के थामरस्सेरी कैथोलिक चर्च में सेवा दी थी ।
संपादकीय भूमिकाविश्वभर में पादरियों के अनाचारी कृत्य उजागर हो रहे हैं । ‘प्रेम एवं शान्ति का सन्देश देनेवाले विश्वभर के अधिकांश पादरी समाज के लिए संकटदायक हैं’ , ऐसा यदि कोई कहे तो उसमें त्रुटि क्या है ? |
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