Nagar Kirtan Row : ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) में कट्टरपंथियों द्वारा सिखों की शोभायात्रा (जुलूस) को रोकने का प्रयास !

  • भारत विरोधी नारे

  • कुछ समय के लिए जुलूस स्थगित

ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) – यहां सिख समुदाय द्वारा निकाली गई ‘नगर कीर्तन’ शोभायात्रा को न्यूजीलैंड के ‘ट्रू पेट्रिएट्स ऑफ न्यूजीलैंड’ (True Patriots of New Zealand) नामक कट्टरपंथी संगठन के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए रोकने का प्रयास किया । ब्रायन तामाकी इस संगठन का नेता है एवं बताया जाता है कि उसका संबंध ‘डेस्टिनी चर्च’ से है । इन प्रदर्शनों के कारण कुछ समय के लिए जुलूस को रोकना पडा ।

१. २० दिसंबर को दक्षिण ऑकलैंड के मनुरेवा क्षेत्र में नानकसर सिख गुरुद्वारा की ओर से नगर कीर्तन जुलूस का आयोजन किया गया था ।

२. इस जुलूस में निहंग (नीले रंग के वस्त्र धारण करने वाले सशस्त्र योद्धा) सिखों सहित सिख श्रद्धालु बडी संख्या में सम्मिलित हुए थे । इस समय प्रदर्शनकारियों ने जुलूस का रास्ता रोककर नारेबाजी की ।

३. उन्होंने हाथों में भारत विरोधी नारे लिखे हुए पोस्टर पकडे थे । साथ ही उन्होंने ‘यह भारत नहीं, न्यूजीलैंड है’, जैसे नारे लगाए ।

४. इन लोगों ने ‘न्यूजीलैंड फर्स्ट’ (New Zealand First) लिखे हुए ‘टी-शर्ट’ पहन रखे थे । उन्होंने विरोध स्वरूप जुलूस के सामने स्थानीय माओरी समुदाय का ‘हाका’ (Haka) नामक पारंपरिक नृत्य किया ।

५. स्थिति तनावपूर्ण होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया । इस जुलूस के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेने के उपरांत भी ऐसी घटना होने पर आयोजकों ने तीव्र अप्रसन्नता व्यक्त की है ।

सिख नेताओं द्वारा निषेध !

इस प्रकरण में प्रतिक्रिया देते हुए ‘अकाल तख्त’ के कार्यवाहक जत्थेदार (गुरुद्वारे के प्रमुख) ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा, ‘‘यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है । सिख समुदाय कई वर्षों से न्यूजीलैंड में कानूनी रूप से निवास कर रहा है एवं देश की प्रगति में योगदान दे रहा है । सिख समुदाय की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए ।’’ ‘शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति’ के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी तथा ‘शिरोमणि अकाली दल’ के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी इस घटना की निंदा की है तथा सिख समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता के लिए सुरक्षित वातावरण निर्माण करने की मांग की है ।

संपादकीय भूमिका

पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ अब न्यूजीलैंड में भी सिखों तथा हिन्दुओं को लक्ष्य (निशाना) बनाया जा रहा है । सरकार को अब तो इसका गंभीर संज्ञान लेकर उनकी सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए !