Sunburn Festival Mumbai : ‘सनबर्न फेस्टिवल’ में ४० सहस्त्र लोगों के लिए खुले मैदान में मदिरा सेवन की अनुमति कैसे दी गई ?

  • मुंबई उच्च न्यायालय का राज्य सरकार से प्रश्न

  • न्यायालय का सुझाव – मदिरा नीति पर पुनर्विचार आवश्यक ।

मुंबई – शिवडी में चल रहे ‘सनबर्न म्यूज़िक फेस्टिवल’ में ४० सहस्त्र लोगों के लिए खुले स्थान पर मदिरा सेवन की अनुमति कैसे दी गई ? यह प्रश्न मुंबई उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से किया । ‘राज्य सरकार कानून तथा व्यवस्था बनाए रख सकती है,’ ऐसा महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर एवं न्यायमूर्ति गौतम अंखड की खंडपीठ को बताया । इस पर न्यायालय ने कहा, ‘अगर १००० लोग मद की अवस्था में होंगे, तो २०० पुलिसकर्मी कानून तथा व्यवस्था कैसे बनाए रखेंगे ? हमें रोकथाम के उपाय करने हैं, चिकित्सा के नहीं । कुछ भी हो सकता है । लोग मद की अवस्था में खुले में नहीं घूम सकते । क्या उनके लिए अलग कानून होना चाहिए ? राज्य की शराब नीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है ।’

‘हम इस याचिका का निपटारा नहीं करेंगे । ऐसी कोई दूसरी याचिका कब प्रविष्ट होगी, यह पता नहीं । इसलिए यह एक अवसर है। अब हम कानून स्पष्ट करेंगे । आप इस तरह से मदिरा का लाइसेंस (अधिकार पत्र) नहीं दे सकते, ऐसा न्यायालय ने कहा । ‘यह कार्यक्रम खुले मैदान में हो रहा है । कोई अनुचित घटना नहीं होगी, इसका उत्तरदायित्व कैसे देंगे ? कोई व्यक्ति मद में है या नहीं, यह कैसे पहचानेंगे ? सहस्त्रों लोगों की भीड में किसी का देह से स्पर्श नहीं होगा, यह कैसे सुनिश्चित करेंगे ?’ ऐसे प्रश्न न्यायालय ने आयोजकों से पूछे ।


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आयोजकों की ओर से तैयारियों की जानकारी

आयोजकों की ओर से अधिवक्ता कार्ल तांबोली तथा मुस्तफा काचवाला ने न्यायालय को बताया कि फेस्टिवल के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं । २५० से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं । ५०० से अधिक सुरक्षा कर्मचारी, वर्दीधारी तथा सादे कपडो में पुलिस, ७ एंबुलेंस और ७० मेडिकल कर्मचारी कार्यक्रम स्थल पर नियुक्त हैं ।