तोप का प्रदर्शन देखने को मिलेगा !

इंद्रप्रस्थ (नई देहली), १२ दिसंबर (संवाददाता) – भारत के इतिहास की ‘भक्ति’ एवं ‘शक्ति’ का संगम करानेवाला अद्वितीय समारोह देश की राजधानी देहली अर्थात ही इंद्रप्रस्थ में साकार हो रहा है । ‘सेव कल्चर, सेव भारत फाउंडेशन’ प्रस्तुत एवं ‘सनातन संस्था’की ओर से आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’में वर्ष १८५७ के पहले विद्रोह के आद्यक्रांतिकारी मंगल पांडे द्वारा उपयोग की गई बंदूक तथा मध्यप्रदेश के राजवंश के मल्हारराव होळकर, साथ ही क्रांतिसिंह नाना पाटिळ द्वारा उपयोग की गई बंदूकें पहली बार ही देहलीवासियों के सामने आनेवाली हैं । उसीप्रकार से पानिपत के युद्ध में उपयोग की गई तोपोंसहित १ सहस्र ५०० दुर्लभ हथियार में देखने को मिलनेवाले हैं । इस महोत्सव में पराक्रम का तेजस्वी इतिहास तथा चैतन्यदायी अध्यात्म के अद्भूत संयोग का अनुभव होगा, ऐसी जानकारी सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक ने दी।

इस महोत्सव में ‘स्वराज का शौर्यनाद’ नाम से लगनेवाली प्रदर्शनी में छत्रपति शिवाजी महाराज के काल के १ सहस्र ५०० से अधिक ऐतिहासिक शस्त्रों का भव्य संग्रह पहली बार देहलीवासियों के सामने आनेवाला है । छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्वयं स्पर्श किए हुए शस्त्रोंसहित महाराणा प्रताप एवं विजयनगर साम्राज्यकालीन शस्त्र भी यहां देखने को मिलेंगे । यह केवल शस्त्रों की प्रदर्शनी नहीं है, अपितु इससे छोटे बच्चों को प्रेरणा मिले; इसके लिए कुछ शस्त्रों को देखने के लिए भी दिए जाएंगे, यह इस प्रदर्शनी की विशेषता है । तोप कैसे उडाई जाती है ?, इसका प्रदर्शन भी दिखाया जानेवाला है । यह शस्त्रप्रदर्शनी भारत मंडपम् के सभागार क्रमांक १२ में सवेरे १० से रात के ८ बजे तक सभी के लिए खुला रहेगा ।

मणिपुर की प्राचीन युद्धकला ‘थांग-ता’ के प्रदर्शन !

इस महोत्सव में मणिपुर की प्राचीन युद्धकला ‘थांग-ता’के प्रदर्शन प्रस्तुत किए जानेवाले हैं । भूमि एवं संस्कृति की आक्रांताओं से रक्षा करने हेतु इस युद्धकला का उपयोगा किया गया था, यह मणिपुर का इतिहास है । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस युद्धकला का विशेष महत्त्व है ।
Chhatrapati Shivaji Maharaj’s Statue : कांग्रेसशासित तेलंगाना में मध्यरात्रि को हटाई गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ।
National Ghar Wapsi Day : १९ जून को ‘राष्ट्रीय घरवापसी दिन’ के रूप में मनाएं !
बाबर, अकबर, हुमायूं आदि आक्रमणकारियों का संग्रहालय बनाकर उनके अत्याचारों को प्रदर्शित किया जाए । – Sangeet Singh Som
मुंबापुरी में सहस्रों के समष्टि संकल्प से राष्ट्ररक्षा हेतु प्राप्त हुआ आध्यात्मिक बल !
मथुरा (उत्तर प्रदेश) में रामराज्य की स्थापना हेतु की गई सामूहिक प्रार्थना !
सनातन संस्था का कार्य अदभुत एवं हिन्दुत्व के लिए संजीवनी है ! – पंडित गौरांग गौरीजी, कथावाचक, वृंदावन