विशेष जांच दल की जांच में उजागर हुआ

बेंगलुरु (कर्नाटक) – कर्नाटक का धर्मस्थल प्रकरण एक षड्यंत्र था । यह उजागर हुआ है कि यह पूरा विवाद धर्मस्थल-विरोधी कार्यकर्ताओं ने उत्पन्न किया था । इस प्रकरण की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (Special Investigation Team – SIT) ने बेलतंगडी न्यायालय में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की है । इसमें यह जानकारी दी गई है । रिपोर्ट में मंदिर प्रशासन को वर्तमान में निर्दोष ठहराया गया है । दल ने न्यायालय से जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा है ।
🚨 SIT Exposes a Well-Planned Conspiracy in the Dharmasthala Temple Case! 🚩
🕉️ Karnataka’s sacred Sri Kshetra Dharmasthala was targeted by an organized network of anti-Hindu forces.
📑 SIT’s preliminary report reveals:
• False witnesses were pressured & paid
• Fake evidence… pic.twitter.com/MTuFNDw8EH— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) December 11, 2025
आरोपी कौन हैं ?
दल ने कुल ६ लोगों को आरोपी बनाया है जिनके नाम इस प्रकार हैं । शिकायतकर्ता चिन्नय्या, महेश शेट्टी तिमरोडी, गिरीश मत्तनण्णावर, जयंत, विट्ठल गौडा, सुजाता भट्ट । जांच में सामने आया है कि चिन्नय्या पर दबाव डाला गया, पैसे दिए गए तथा झूठे बयान देने के लिए विवश किया गया ।
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का वक्तव्य

उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा :
“मैंने पहले ही विधानसभा में कहा था कि धर्मस्थल के विरुद्ध षड्यंत्र रचा जा रहा है तथा अब सत्य सामने आ गया है । न्याय हुआ है; परंतु कानून अपना काम स्वयं करेगा । ऐसे षड्यंत्र पुरानी एवं प्रतिष्ठित संस्थाओं को हानि पहुंचाते हैं । इस षड्यंत्र के पीछे रा.स्व. संघ एवं भाजपा के बीच मतभेद भी हो सकते हैं । अगली जांच से ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी ।”
रिपोर्ट में क्या कहा गया है ?
१. आरोपियों ने एक खोपडी की व्यवस्था की, उसे प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया । जगह-जगह नकली प्रमाण रखे गए तथा पहले से सिखाए गए बयान कैमरे पर दिए गए ।
२. षड्यंत्र की कई बैठकें महेश शेट्टी तिमरोडी के घर पर हुईं ।
३. इस प्रकरण में बैंक लेनदेन के प्रमाण, इलेक्ट्रॉनिक डेटा, वीडियो तथा साक्षियों (गवाहों) के बयान प्रमाण के रूप में मिले हैं ।
क्या है पूरा प्रकरण ?
|
संपादकीय भूमिकाहिन्दुओं के मंदिरों को अपकीर्त (बदनाम) करने के पीछे कौन हैं ? यह उजागर होना चाहिए तथा उन्हें फांसी का दंड दिया जाना चाहिए ! |

मुंबई के जुहू समुद्र तट पर कचरे का साम्राज्य !
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी अवतारी पुरुष हैं ! – जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी
Waqf Board Scam : समाजवादी पार्टी के शासनकाल में ‘वक्फ बोर्ड’ की भूमि में अरबों रुपये का घोटाला ! — मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी
UK Mandir Auction : ब्रिटेन में नीलामी में मंदिर का स्थान मुसलमानों को बेचा !
वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी
काशी, मथुरा तथा संभल के मंदिर-मस्जिद विवाद में सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने ठुकराया