Karnataka Dharmasthala : कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर प्रकरण के पीछे सुनियोजित षड्यंत्र !

विशेष जांच दल की जांच में उजागर हुआ 

बेंगलुरु (कर्नाटक) – कर्नाटक का धर्मस्थल प्रकरण एक षड्‌यंत्र था । यह उजागर हुआ है कि यह पूरा विवाद धर्मस्थल-विरोधी कार्यकर्ताओं ने उत्पन्न किया था । इस प्रकरण की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (Special Investigation Team – SIT) ने बेलतंगडी न्यायालय में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की है । इसमें यह जानकारी दी गई है । रिपोर्ट में मंदिर प्रशासन को वर्तमान में निर्दोष ठहराया गया है । दल ने न्यायालय से जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा है ।

आरोपी कौन हैं ?

दल ने कुल ६ लोगों को आरोपी बनाया है जिनके नाम इस प्रकार हैं । शिकायतकर्ता चिन्नय्या, महेश शेट्टी तिमरोडी, गिरीश मत्तनण्णावर, जयंत, विट्ठल गौडा, सुजाता भट्ट । जांच में सामने आया है कि चिन्नय्या पर दबाव डाला गया, पैसे दिए गए तथा झूठे बयान देने के लिए विवश किया गया ।

उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का वक्तव्य 

कर्नाटक सरकार के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार

उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा :

“मैंने पहले ही विधानसभा में कहा था कि धर्मस्थल के विरुद्ध षड्यंत्र रचा जा रहा है तथा अब सत्य सामने आ गया है । न्याय हुआ है; परंतु कानून अपना काम स्वयं करेगा । ऐसे षड्यंत्र पुरानी एवं प्रतिष्ठित संस्थाओं को हानि पहुंचाते हैं । इस षड्यंत्र के पीछे रा.स्व. संघ एवं भाजपा के बीच मतभेद भी हो सकते हैं । अगली जांच से ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी ।”

रिपोर्ट में क्या कहा गया है ?

१. आरोपियों ने एक खोपडी की व्यवस्था की, उसे प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया । जगह-जगह नकली प्रमाण रखे गए तथा पहले से सिखाए गए बयान कैमरे पर दिए गए ।

२. षड्यंत्र की कई बैठकें महेश शेट्टी तिमरोडी के घर पर हुईं ।

३. इस प्रकरण में बैंक लेनदेन के प्रमाण, इलेक्ट्रॉनिक डेटा, वीडियो तथा साक्षियों (गवाहों) के बयान प्रमाण के रूप में मिले हैं ।

क्या है पूरा प्रकरण ?


कर्नाटक के मंगलूरु के पास नेत्रावती नदी के किनारे धर्मस्थल मंदिर है । यह मंदिर भगवान शिव के एक रूप श्री मंजुनाथ का है । ४ जुलाई को यहां के एक पूर्व सफाई कर्मचारी ने पुलिस को पत्र लिखकर यह दावा किया था कि कई हत्याएं करके शव मंदिर परिसर में गाडे (दफनाए) गए थे । सरकार ने विशेष जांच दल गठित कर जांच आरंभ की । आरोपी चिन्नैया का दावा था कि उस पर दबाव डालकर १०० से अधिक महिलाओं एवं लडकियों के शव दफनाए गए थे । दल ने अब तक १७ स्थानों पर उत्खनन किया है । उनमें से २ स्थानों पर केवल पुरुषों के कंकाल ही मिले हैं ।

संपादकीय भूमिका

हिन्दुओं के मंदिरों को अपकीर्त (बदनाम) करने के पीछे कौन हैं ? यह उजागर होना चाहिए तथा उन्हें फांसी का दंड दिया जाना चाहिए !