Udupi PM Modi : भगवद्गीता कहती है कि शांति एवं सत्य स्थापित करने के लिए अत्याचारियों का अंत करना भी आवश्यक !

उडुपी (कर्नाटक) के प्राचीन श्रीकृष्ण मठ के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का वक्तव्य

उडुपी (कर्नाटक) के प्राचीन श्रीकृष्ण मठ के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी

उडुपी (कर्नाटक) – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां वक्तव्य दिया कि श्रीकृष्ण ने रणभूमि पर गीता का संदेश दिया था । “भगवद्गीता कहती है कि शांति एवं सत्य स्थापित करने के लिए अत्याचारियों का अंत करना भी आवश्यक होता है । मैं लाल किले से श्रीकृष्ण की करुणा का संदेश देता हूं तथा उसी स्थान से ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ की घोषणा भी करता हूं । ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कार्रवाई में देश ने हमारा संकल्प देखा है । हम शांति स्थापित करना भी जानते हैं एवं शांति की रक्षा करना भी जानते हैं ।”

वे यहां श्रीकृष्ण मठ के जगद्गुरु श्री श्री सुगुणेंद्र तीर्थ स्वामीजी द्वारा आयोजित ‘विश्व गीता पर्याय’ उपक्रम के अंतर्गत ‘लक्ष्य कंठ गीता पाठ’ के अवसर पर बोल रहे थे । श्रीकृष्ण मठ की स्थापना लगभग ८०० वर्ष पूर्व द्वैत वेदांत परंपरा के प्रणेता श्री मधवाचार्य ने की थी ।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा :

१. सदियों से मंत्रोच्चार एवं गीता का पाठ चलता आ रहा है; परंतु जब एक ही स्वर में असंख्य कंठों से श्लोकों का उच्चारण होता है, तो मन तथा बुद्धि को नई चेतना एवं सामर्थ्य प्राप्त होता है । इस प्रकार की ऊर्जा आध्यात्मिक शक्ति का रूप है, साथ ही सामाजिक एकता का भी बल है । उन्होंने कहा कि ‘लक्ष्य कंठ गीता पाठ’ यह उपक्रम इस ऊर्जा स्पंदन का अनुभव देने वाला प्रसंग रहा ।

२. सबके सहयोग से एवं सबकी उन्नति के लिए बनाई गई नीतियों को श्रीकृष्ण की शिक्षा से प्रेरणा मिलती है । निर्धनों (गरीबों) को सहायता, नागरिकों के स्वास्थ्य एवं आवास की योजनाएं, स्त्रियों की सुरक्षा को रेखांकित करने वाली नीतियां—इन सबका आधार गीता का संदेश है ।