Santosh Verma : (कहते हैं) ‘जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान में नहीं देता, तब तक आरक्षण शुरू रहना चाहिए !’

  • मध्य प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी संतोष वर्मा का जाति पर आधारित वक्तव्य

  • वक्तव्य की आलोचना के पश्चात खेद व्यक्त किया

संतोष वर्मा

भोपाल (मध्य प्रदेश) – राज्य के एक वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी तथा‘अजाक्स’ संगठन (अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अनुसूचित जाति कर्मचारी संघ) के प्रदेश अध्यक्ष संतोष वर्मा ने एक संगठन के कार्यक्रम में कहा कि जब तक मेरा बेटा किसी ब्राह्मण लडकी से शादी नहीं कर लेता या ब्राह्मण समाज अपनी बेटी मेरे बेटे को दान में नहीं दे देता, तब तक आरक्षण शुरू रहना चाहिए । इसकी आलोचना होने के बाद उन्होंने खेद व्यक्त किया है । कई सामाजिक संगठनों एवं कर्मचारी संघ ने संतोष वर्मा के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की है । इस वक्तव्य के पश्चात संतोष वर्मा के पुराने प्रकरण फिर से सामने आ गए हैं ।

वह बनावट दस्तावेज के प्रकरण में ३ महीने कारागृह में रहे थे !

इंदौर के लसूडिया पुलिस स्टेशन में एक महिला की शिकायत पर संतोष वर्मा के विरुद्ध मारपीट का अपराध लिखित किया गया है । इस प्रकरण में, उन्होंने अपनी मासूमियत सिद्ध करने के लिए एक न्यायाधीश के हस्ताक्षर किए हुए दस्तावेज का उपयोग किया था तथा जांच में पाया गया कि वह दस्तावेज अवैध था । इस प्रकरण में बंदी बनाने के पश्चात वह ३ महीने कारागृह में रहे । (ऐसी घटना के बाद उन्हें पदच्युत क्यों नहीं किया गया ? – संपादक)

संपादकीय भूमिका

  • वर्मा पर ऐसे जाति पर आधारित वक्तव्य के लिए अपराध लिखित करके कारागृह में डाल देना चाहिए ! 
  • कोई सोच सकता है कि ऐसे अधिकारी प्रत्यक्ष में कैसे काम कर रहे होंगे !