Shaikh Hasina Verdict : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी का दंड !

पिछले वर्ष हुए हिंसाचार के समय हत्या का आदेश देने का आरोप

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना

ढाका (बांग्लादेश) – बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वहां के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने फांसी का दंड सुनाया है । उन पर पिछले वर्ष छात्रों के कथित विद्रोह के समय हुए हिंसाचार के समय हत्या के लिए प्रेरित करने तथा हत्या का आदेश देने के आरोप लगाए गए थे । इसी प्रकरण में देश के पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान को १२ लोगों की हत्या का दोषी ठहराया गया तथा उन्हें भी फांसी का दंड सुनाया गया है । साथ ही, तीसरे आरोपी पुलिस महानिरीक्षक अब्दुल्ला अल-मामून को ५ वर्ष के कारावास का दंड सुनाया गया है । मामून वर्तमान में बंदी हैं तथा सरकारी गवाह (साक्षीदार) बन गए हैं । न्यायालय ने हसीना एवं असदुज्जमान कमाल की संपत्ति अधिग्रहित करने का आदेश दिया । ५ अगस्त २०२४ को सत्ता परिवर्तन के पश्चात शेख हसीना एवं असदुज्जमान देश छोडकर चले गए । दोनों नेता पिछले १५ महीनों से भारत में रह रहे हैं । न्यायालय ने शेख हसीना की सभी संपत्ति भी अधिग्रहित करने का आदेश दिया ।

विशेष रूप से, हसीना ने ही प्रधानमंत्री रहते हुए अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण की स्थापना की थी । वर्ष १९७१ के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के समय हुए युद्ध अपराधों एवं नरसंहार की जांच करने, साथ ही अपराधियों पर अभियोग चलाने के लिए वर्ष २०१० में इसकी स्थापना की गई थी ।

निर्णय अयोग्य एवं पक्षपातपूर्ण ! – शेख हसीना

न्यायालय के निर्णय पर शेख हसीना ने कहा कि यह निर्णय अन्यायपूर्ण, पक्षपातपूर्ण एवं राजनीतिक रूप से प्रेरित है । यह निर्णय एक अनिर्वाचित सरकार द्वारा संचालित न्यायालय ने दिया है । यह सार्वजनिक जनादेश नहीं है । इसमें मेरा पक्ष सुना ही नहीं गया । लोगों को पता है कि यह पूरा प्रकरण वास्तविक घटनाओं की जांच नहीं है, अपितु अवामी लीग पार्टी को लक्ष्य बनाने का प्रयास है । यूनुस सरकार के शासनकाल में पुलिस व्यवस्था एवं न्याय व्यवस्था निर्बल (कमजोर) हुई है । अवामी लीग के समर्थकों एवं हिन्दू अल्पसंख्यकों पर आक्रमण बढे हैं, स्त्रियों के अधिकार दबाए जा रहे हैं तथा कट्टरपंथियों का प्रभाव बढ रहा है । डॉ. यूनुस को किसी ने भी नहीं चुना है । बांग्लादेश का अगला चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र तथा निष्पक्ष होना चाहिए ।

मेरी माँ भारत में सुरक्षित ! – शेख हसीना के पुत्र सजीब वाजेद शेख

सजीब वाजेद शेख

हसीना के पुत्र सजीब वाजेद ने कुछ दिनों पहले पत्रकारों को बताया था कि उन्हें पहले से पता था कि उनकी मां को फांसी का दंड दिया जाएगा । उन्होंने यह भी कहा कि शेख हसीना भारत में सुरक्षित हैं एवं भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उनका पूरा संरक्षण करेंगी ।

देखते ही गोली मारने के आदेश

निर्णय आने के २ दिन पहले से ही बांग्लादेश में भारी हिंसाचार आरंभ हो गया था । शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा सरकार के विरुद्ध हिंसक आंदोलन किया जा रहा था । इसके उपरांत पुलिस को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया । इसलिए निर्णय सुनाए जाने के दिन प्रत्येक स्थान पर शांति थी ।