श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति हेतु मुंबई में आयोजित यज्ञस्थल पर समाज कंटकों द्वारा उपद्रव !

  • ‘जय भीम’ का उद्घोष करते हुए पू. भिडेगुरुजी का चित्रयुक्त फलक फाड़ दिया !

  • फलक फाडनेवालों पर पुलिस की कोई कार्रवाई नहीं !

मुंबई, १६ नवम्बर (वार्ता) – श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्त हो, इस हेतु वरली स्थित गांधी (जांभोरी) मैदान में चल रहे श्री नारायण महायज्ञ के स्थान पर कुछ समाजकंटकों ने उपद्रव किया । यज्ञ के निमित्त प्रागंण के बाहर लगाए गए विविध फलक में पू. संभाजीराव भिडेगुरुजी द्वारा इस यज्ञ हेतु दी गई शुभेच्छा का फलक भी था । उस पर उनका छायाचित्र था । समाजकंटकों ने यह फलक फाड़ दिया ।

१५ नवम्बर को सायंकाल ७.३० से रात्रि ८.०० के बीच ‘जय भीम’, ‘मनोहर भिडे मुर्दाबाद’ ऐसे उद्घोष करते हुए मैदान के प्रवेशद्वार के समीप १५–२० समाजकंटकों ने सब किया । उस समय पुलिस ने परिस्थिति को नियंत्रण में तो लिया; परंतु फलक फाड़नेवालों पर कोई कार्रवाई नहीं की ।

यज्ञस्थल पर लगाया गया शुभेच्छा-फलक

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्त हो, इस उद्देश्य से ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास’ के द्वारा १५ तथा १६ नवम्बर को यह महायज्ञ आयोजित किया गया है । इस अवसर पर विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने गांधी मैदान के बाहर फलक लगाए थे । मैदान के बाहर उपद्रव होने की बात ज्ञात होते ही यज्ञस्थल पर उपस्थित हिन्दू भी बड़ी संख्या में ‘जय श्रीराम’, ‘हर हर महादेव’ ऐसे उद्घोष करते हुए प्रवेश द्वार पर पहुंचे । दोनों दल आमने-सामने आने से तनाव उत्पन्न हुआ । पुलिस ने परिस्थिति नियंत्रण में लेने का प्रयत्न किया । लगभग २०–२५ मिनटों में स्थिति सामान्य हुई ।

इस उपद्रव के उपरांत रात्रि ९.३० बजे गांधी मैदान के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस का पहरा लगाया गया था । इस संबंध में ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास’ के राष्ट्रीय महामंत्री तथा महाराष्ट्र राज्य के संयोजक श्री पराग फडणीस से ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि ने संपर्क किया, तब उन्होंने कहा, “पुलिस स्टेशन में विधिवत् शिकायत प्रविष्ट की जाएगी । १६ नवम्बर की सायंकाल माध्यमों को घटित घटना की सूचना दी जाएगी ।”

समाजकंटकों का कोई कारण न होते हुए उपद्रव !

समाजकंटकों द्वारा फाड़े गए फलक पर पू. संभाजीराव भिडेगुरुजी के चित्र सहित यह शुभेच्छा-संदेश था —

“शुद्ध हेतुओं से आयोजित श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के धर्मकार्यों को मेरी अखंड शुभेच्छाएं !
छत्रपति श्री शिवाजी महाराज तथा धर्मवीर छत्रपति श्री संभाजी महाराज के अपूर्ण स्वप्नों को पूर्ण करें ।”

इस संदेश में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था । केवल पू. भिडेगुरुजी का चित्र तथा संदेश होने से ही समाजकंटकों ने यह उपद्रव किया, ऐसी चर्चा है ।

संपादकीय भूमिका 

  • ऐसे जातिवादी समाज कंटकों पर मुंबई पुलिस के कानून का भय क्यों नहीं ?
  • उपद्रव करनेवालों पर कार्रवाई न करनेवाली पुलिस से शासन को उत्तर मांगना आवश्यक है । समाज कंटकों पर कार्रवाई न होने के कारण ही वे ऐसे अपराध करने का साहस करते हैं !