Bengaluru Jail Facilities : बेंगलुरु (कर्नाटक) जेल में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी एवं बलात्कारी को मोबाइल फोन तथा टेलीविजन की सुविधा !

जेल में सुविधाओं का आनंद ले रहे अपराधी

बेंगलुरु (कर्नाटक) – राज्य की सबसे बडी जेलों में से एक, परप्पना अग्रहार केंद्रीय कारागार में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी, बलात्कार के आरोपी, तथा अन्य कुछ कैदियों को मोबाइल फोन एवं टेलीविजन जैसी विशेष सुविधाएं उपलब्ध होने का एक वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित हुआ है ।

१. सामने आया है कि इस जेल में ‘इस्लामिक स्टेट’ का आतंकवादी शकील, वासनांध आरोपी उमेश रेड्डी, साथ ही चेन स्नैचिंग प्रकरण का आरोपी, प्रसिद्ध होटल व्यवसायी का पोता एवं अभिनेता तरुण कोंडाराजू इन सुविधाओं का उपयोग कर रहे थे । इससे जेल प्रशासन की बडी मात्रा में आलोचना हो रही है ।

२. एक वीडियो में १३ मोबाइल फोन, ‘ईयरफोन’ एवं ‘चार्जर’ दिख रहे हैं । बलात्कार के आरोपी उमेश रेड्डी की कोठरी में ‘हॉट बॉक्स’ भी मिला है ।

३. इससे पहले हत्या के प्रकरण में जेल में बंद अभिनेता दर्शन थूगुदीप, उसके सहयोगी विल्सन गार्डन नागराज तथा श्रीनिवास उर्फ गुब्बाच्ची सीना, जैसे गुंडों को विशेष सुविधाएं देने का आरोप लगा था । उससे संबंधित तस्वीरें एवं वीडियो सार्वजनिक हुए थे । इस प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय ने फटकार लगाई थी । अब यह घटना फिर से सामने आने से जेल प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है ।

४. आतंकवादी शकील मन्ना को वर्ष २०२० में सऊदी अरब से निर्वासित किए जाने के उपरांत राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने बंदी बनाया था । तब से शकील परप्पना अग्रहार केंद्रीय कारागार के विशेष सुरक्षा विभाग की कोठरी में है । महिलाओं पर बलात्कार एवं हत्या के प्रकरण में दंडित उमेश रेड्डी कई दशकों से जेल में है, साथ ही मार्च महीने में विदेशों से अवैध सोने की तस्करी के प्रकरण में तेलुगु अभिनेता तरुण कोंडाराजू को बंदी बनाया गया था । ये तीनों इसी कोठरी में हैं ।

५. वीडियो में ये कैदी अन्य कैदियों के साथ आराम से जेल में घूमते दिख रहे हैं । साथ ही शकील, उमेश एवं तरुण के परिवार तथा मित्रों को किए गए ‘वीडियो कॉल’ भी सार्वजनिक हुए हैं ।

६. जेल के कैदियों के विलासितापूर्ण जीवन से संबंधित सार्वजनिक हुए ‘वीडियो’ की सत्यता स्पष्ट करते हुए, इस वीडियो में उस दिन का समाचारपत्र दिखाया गया है । वीडियो में दिखाया गया अंग्रेजी समाचारपत्र वर्ष २०२२ का है । अन्य भी कुछ वीडियो प्रसारित हुए हैं । ऐसी जानकारी मिली है कि वे भी कुछ दिन पूर्व ही फिल्माए गए हैं । वीडियो सार्वजनिक करने वाले सूत्रधारों की जांच संबंधित विभाग कर रहा है ।

जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के निर्देश

जेल में इस घटना के वीडियो सामने आने के उपरांत, परप्पना अग्रहार केंद्रीय कारागार के अधिकारियों से राज्य के कारागार एवं सुधार विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बी. दयानंद ने उत्तर मांगा है । उन्होंने इस अपकृत्य की जांच कर दक्षिण संभाग की पुलिस उपमहानिरीक्षक दिव्याश्री को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

जांच कर कठोर कार्रवाई करेंगे ! – गृह मंत्री परमेश्वर

हम इस प्रकरण को गंभीरता से ले रहे हैं तथा मैंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दयानंद से रिपोर्ट मांगी है । मैं स्वयं अधिकारियों की बैठक बुलाऊंगा । दयानंद द्वारा रिपोर्ट दिए जाने के उपरांत हम उसकी समीक्षा करेंगे । यदि रिपोर्ट से हमें संतोष नहीं हुआ, तो हम उच्च स्तरीय जांच करवाएंगे । हम जांच के लिए एक समिति का गठन करेंगे । यह जेल का एक पुराना वीडियो है । पहले भी एक पुराना वीडियो प्रसारित हुआ था । जो भी हो, यह सब नहीं होना चाहिए । हम इसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करेंगे, ऐसी प्रतिक्रिया कर्नाटक राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने पत्रकारों से बात करते हुए व्यक्त की ।

संपादकीय भूमिका

  • उन जेल अधिकारियों को दंडित किया जाना चाहिए जो कैदियों को ये सुविधाएं उपलब्ध होने देते हैं !
  • यदि कारागार में दंडित कैदियों को इस प्रकार की सुविधाएं मिलें, तो उसे जेल कैसे कहा जा सकता है ? इसी कारण अपराधी जेल से बाहर आने पर भी आपराधिक कृत्य करते हैं !