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नई दिल्ली – दिल्ली पुलिस ने वर्ष २०२० में दिल्ली में हुई दंगों के प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय में १७७ पृष्ठों का प्रतिज्ञापत्र प्रस्तुत किया है । इसमें उमर खालिद, शरजील इमाम, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा तथा अन्य अभियुक्तों के जमानत आवेदन का विरोध किया गया है । पुलिस ने इन दंगों को ‘अचानक हुए आंदोलन का परिणाम’ न कहते हुए ‘एक सुनियोजित सत्ता परिवर्तन का षड्यंत्र’ बताया है । पुलिस के अनुसार यह हिंसा भारत के सामाजिक सौहार्द को बिगाडने तथा देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को कलंकित करने के लिए पूर्व नियोजन से रची गई थी ।
🚨 BIG REVELATION!
The 2020 #DelhiRiots were a pre-planned conspiracy to overthrow the government! 🇮🇳
📜 Delhi Police submit 177-page affidavit to Supreme Court
🚫 Oppose bail pleas of Umar Khalid & Sharjeel Imam#DelhiRiots #Conspiracy #CAA
Video Courtesy: @TimesNow pic.twitter.com/O0eXlXdzDy— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) October 30, 2025
ट्रम्प के भारत प्रवास से संबंधित षड्यंत्र
प्रतिज्ञापत्र में आगे कहा गया है कि यह हिंसा जानबूझकर अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत प्रवास के समय कराई गई थी । इसके पीछे उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय माध्यमों का ध्यान आकर्षित करना तथा भारत की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करना था । नागरिकता संशोधन विधेयक पर चल रहे आंदोलन का उपयोग ‘आतंकवादी विचारों को प्रोत्साहित करने के साधन’ के रूप में किया गया ।
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