आंध्र प्रदेश के मंत्रिमंडल की बैठक में ‘लुलु ग्रुप’ को दी गई भूमि पर उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का आक्रोश

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण

अमरावती (आंध्र प्रदेश) – आंध्र प्रदेश राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के घटक दल (मतदाता) जनसेना पार्टी के प्रमुख तथा राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लुलु ग्रुप को प्रसन्न करने के लिए नियमों को तोडने वालों से कठोरता से सवाल किया । जनसेना के ही मंत्री नदेंडला मनोहर ने भी अधिकारियों से इन सुविधाओं को लेकर स्पष्टीकरण मांगा ।

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लुलु ग्रुप खाद्य प्रसंस्करण(कार्य करने की प्रक्रिया ) करेगा या गौहत्या के लिए पशुवधगृह बनाएगा ? – पवन कल्याण

पवन कल्याण ने प्रश्न किया, “लुलु का सहयोगी उपसंस्थान फेयर एक्सपोर्ट्स कृष्णा जिले के मल्लवल्ली में जो ‘फूड पार्क’ बना रहा है, वहां वास्तव में क्या किया जाएगा ?”

सरकार ने इस परियोजना के लिए ७.४८ एकड भूमि आवंटित की है । जब अधिकारियों ने केवल इतना कहा कि “यह खाद्य प्रसंस्करण केंद्र है”, तब पवन कल्याण ने तीखे स्वर में पूछा, “इसका अर्थ क्या है ? सब्जी–फलों की प्रोसेसिंग होगी या गौहत्या कर मांस निर्यात किया जाएगा ?” उनके इस प्रश्न से मंत्रिमंडल की बैठक का वातावरण तनावपूर्ण हो गया ।

गौहत्या की अनुमति नहीं दी गई है ! – मुख्यमंत्री नायडू

मुख्यमंत्री चंद्राबाबू नायडू

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि गौहत्या की कोई अनुमति नहीं दी गई है । सरकार ने केवल खाद्य प्रसंस्करण केंद्र के लिए स्वीकृति दी है । तथापि पवन कल्याण ने सरकार की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए कहा, “सरकार इतनी उतावली क्यों है, मानो लुलु हम पर कोई उपकार कर रहा हो ? यदि आंध्र प्रदेश के युवाओं को इसमें व्यवसाय नहीं मिलेगा, तो भूमि देने का क्या अर्थ है ? बिना प्रतिफल के अपनी संपत्ति नहीं देनी चाहिए ।

पट्टे की नियमों तथा व्यवसाय को लेकर शंका 

मंत्री मनोहर जी ने बताया कि सरकार ने पट्टे का किराया हर पांच साल में केवल ५% बढाने की अनुमति दी है, जबकि नियमों के अनुसार यह तीन साल में १०% बढाया जाना चाहिए । इस पर अधिकारियों ने कहा कि “लुलु व्यवसाय सृजन करेगा, इसलिए उसे यह छूट दी गई ।”

इस पर पवन कल्याण ने पूछा, “लुलु को विजयवाड़ा तथा विशाखापट्टनम में किन नियमों को मानते हुए भूमि दी गई ? सरकारी भूमि पाकर भी अगर वे अपनी ही नियम तय करें, तो यह कैसे उचित है ? लुलु के माल में दुकानें हर तीन साल में किराया बढाती हैं, तो फिर सरकार को १० साल प्रतीक्षा क्यों करनी चाहिए ? दो अलग-अलग नियम नहीं चल सकते ।”

क्या है लुलु ग्रुप ?

यूसुफ अली ने लुलु ग्रुप इंटरनेशनल की स्थापना की थी तथा वे ही इसके अध्यक्ष हैं । यह ग्रुप विश्वभर में हाइपरमार्केट्स, माल्स तथा रिटेल व्यवसाय संचालित करता है ।