हिन्दू धर्म, मंदिरों की रक्षा के साथ ‘लव जिहाद’ के विरोध में तथा जातिभेद मिटाने के लिए कार्य करनेवाले कर्नाटक के प्रखर वक्ता श्री. चक्रवर्ती सुलीबेले !

श्री. चक्रवर्ती सुलीबेले कर्नाटक के प्रसिद्ध विचारक, लेखक तथा प्रखर वक्ता हैं । उनके देशप्रेम, सामाजिक जागृति तथा युवकों को प्रेरणा देने के कार्य के लिए वे कर्नाटक में जाने जाते हैं । वे ‘युवा ब्रिगेड’ नामक संस्था के माध्यम से १० वर्षों से कार्य कर रहे हैं ।

श्री. चक्रवर्ती सुलीबेले


विशेष स्तंभ


जिस प्रकार छत्रपति शिवाजी महाराजजी द्वारा स्थापित हिन्दवी स्वराज्य के लिए मावळों (सैनिकों) एवं योद्धाओं का त्याग सर्वोच्च है, उसी प्रकार आज भी अनेक हिन्दुत्वनिष्ठ एवं राष्ट्रप्रेमी नागरिक धर्म-राष्ट्र की रक्षा के लिए ‘योद्धा’ के रूप में कार्य कर रहे हैं । धर्मनिरपेक्ष सरकार, साथ ही प्रशासन और पुलिस से होनेवाला कष्ट सहन करते हुए वे निःस्वार्थभाव से केवल राष्ट्र-धर्मरक्षा के लिए रात-दिन संघर्ष कर रहे हैं । आज राष्ट्रविरोधी शक्ति धर्मनिरपेक्षतावादियों के समर्थन से बलवान होकर हिन्दूविरोधी, इसके साथ ही राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र करते हुए हमारे मन में ‘हिन्दुओं तथा राष्ट्र का आगे कैसे होगा ?’, ऐसी चिंता होती है । उस समय हिन्दुत्व तथा राष्ट्र की रक्षा के लिए लडनेवाले इन मावळों और धर्मयोद्धाओं के संघर्ष के उदाहरण पढने पर निश्चित रूप से हमारे मन की चिंता दूर होकर उत्साह निर्माण होगा । इसलिए हमने ऐसे धर्मयोद्धाओं तथा उनके हिन्दू धर्मरक्षा के संघर्ष की जानकारी देनेवाला ‘हिन्दुत्व के वीर योद्धा’ यह स्तंभ आरंभ किया है । इस माध्यम से भारत में सुराज्य निर्माण करने के लिए प्रयत्न करनेवालों की सभी को जानकारी होगी और उस दिशा में कार्य करने की प्रेरणा भी मिलेगी ! – संपादक

१. ‘युवा ब्रिगेड’ संगठन की स्थापना

अ. श्री. चक्रवर्ती सुलीबेले ने ‘युवा ब्रिगेड’ नामक संगठन स्थापित किया है । इस माध्यम से वे युवकों में देशप्रेम, सामाजिक जागृति तथा सेवाभाव निर्माण कर रहे हैं । सहस्रों युवक इस संगठन में सम्मिलित होकर राष्ट्रसेवा का कार्य कर रहे हैं । इस संगठन ने नदियों का पुनरुज्जीवन, प्राचीन मंदिर तथा जलकुंडों की स्वच्छता, रक्तदान शिविर एवं ग्रामविकास योजना सफलतापूर्वक कार्यान्वित की हैं । उन्होंने ‘नवभारत निर्माण अभियान’ आरंभ कर देशभर के युवकों को प्रेरणा दी है ।

आ. उन्होंने स्वामी विवेकानंदजी के विचारों से प्रेरित होकर उनकी सीख पर आधारित अनेक भाषण दिए । वे युवकों को राष्ट्र की प्रगति के लिए कार्य करने का आवाहन कर रहे हैं ।

इ. युवकों को उद्योजकता का मार्गदर्शन करने के लिए ‘फिफ्थ पिलर’ नामक कार्यक्रम किया जा रहा है । इसके लिए युवकों के लिए ‘उद्योजकता परिषद’ आयोजित की जाती है ।

२. सामाजिक माध्यमों द्वारा जागरूकता

श्री. चक्रवर्ती सुलीबेले विविध सामाजिक माध्यमों द्वारा सक्रिय हैं तथा वे राष्ट्र एवं हिन्दू धर्म संबंधी विचार जनमानस तक पहुंचाते हैं । सामाजिक माध्यमों पर उनके लेखन के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं ।

३. वे विविध समाचार वाहिनियों पर चर्चासत्रों में हिन्दुत्व के पक्ष में प्रखर भूमिका अपनाते हैं । हिन्दू विरोधियों के षड्यंत्रों का उन्होंने पर्दाफाश कर, उसे उजागर किया ।

४. श्री. चक्रवर्ती सुलीबेले को मिले पुरस्कार

अ. ‘युवा ब्रिगेड’ के माध्यम से किए सामाजिक कार्य के लिए कर्नाटक सरकार ने उन्हें २०२२ में ‘राज्योत्सव पुरस्कार’ दिया ।

आ. मैसूरु के ‘सावरकर प्रतिष्ठान’ ने ‘वीर सावरकर सम्मान पुरस्कार’ देकर उन्हें गौरवान्वित किया है ।

इ. ‘युवा ब्रिगेड’ के विविध सामाजिक कार्यों के सम्मान स्वरूप वर्ष २०१८ में देहली के ‘चाणक्य वार्ता’ नामक संस्था द्वारा उन्हें ‘चाणक्य पुरस्कार’ प्रदान किया गया ।

५. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा युवा ब्रिगेड के कार्य की प्रशंसा

श्रीरंगपट्टण में ७०० वर्ष पुराने वीरभद्रेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार युवा ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने २ माह में पूर्ण किया । दिसंबर २०२० में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ रेडियो पर प्रसारित होनेवाले कार्यक्रम में वीरभद्रस्वामी मंदिर के पुनर्निर्माण के विषय में ‘युवा ब्रिगेड’ के कार्य की प्रशंसा की । तदुपरांत वर्ष २०२३ तथा २०२४ में गणतंत्र दिवस के संचालन में युवा ब्रिगेड के २ कार्यकर्ताओं को विशेष निमंत्रण मिला ।

६. ‘युवा शक्ति’ का योगदान

श्री. चक्रवर्ती सुलीबेले के मार्गदर्शन में युवा ब्रिगेड ने देशभर में समाज तथा धर्म जागृति का कार्य किया है । उन्होंने युवकों में राष्ट्रभक्ति निर्माण किया है । संपूर्ण राज्य में सैकडों मंदिरों का जीर्णोद्धार हुआ । अनेक मंदिरों के समीप पानी के कुंड तथा अनेक नदियों की स्वच्छता की । युवा ब्रिगेड के युवक नई पीढी को धर्म से जोडने तथा ‘विश्वगुरु भारत’ के ध्येय की प्राप्ति के लिए अपना योगदान दे रहे हैं ।

युवकों को राष्ट्र-धर्म कार्य में जोडकर सक्रिय करने के लिए ‘युवा ब्रिगेड’ द्वारा किए गए विविध उपक्रम !

१. युवकों द्वारा २५० मंदिरों के जलाशय अथवा ताल स्वच्छ किए गए !

स्वामी विवेकानंदजी कहते हैं, ‘राष्ट्रप्रेम एक बडा माध्यम है, जो अनेक युवकों को आकर्षित करता है ।’ इसी विचार के अनुरूप हमने एक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका नाम था ‘जागो भारत’ । उसमें हमने गायन करनेवालों तथा व्याख्यान देनेवालों को एकत्र कर, एक कार्यक्रम कर्नाटक के प्रत्येक महाविद्यालय में किया । इसका परिणाम यह हुआ कि महाविद्यालय में उस कार्यक्रम को देखने के पश्चात बहुत से युवक हमारे पास आने लगे । इन युवकों को इस कार्य में जोड लिया, जिसका आधार धर्म होगा ।ऐसे युवकों से कर्नाटक के २५० मंदिरों के जलाशय अथवा ताल स्वच्छ करने का कार्य करवाया ।

२. कर्नाटक की १० नदियों की ‘जलजीवन’अभियान के माध्यम से की गई स्वच्छता !

हमने संपूर्ण कर्नाटक में ऐसी १० नदियों की स्वच्छता की । इस कार्य को ‘जलजीवन’ नाम दिया ।