ब्रिटेन की मस्जिद में लगाई गई आग, कोई जनहानि नहीं हुई

 

लंदन (ब्रिटेन) – ब्रिटेन के पीसहेवन शहर में ४ अक्टूबर की रात एक मस्जिद में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई । पुलिस ने इस घटना को ‘घृणापूर्ण अपराध’ के रूप में प्रविष्ट किया है । उस समय मस्जिद में २ लोग थे, तथा वे सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे । ब्रिटेन में इस्लाम और यहूदी विरोधी घटनाएं बढ रही हैं, उसी समय यह घटना घटित हुई है । कुछ दिन पहले मैनचेस्टर में यहूदियों के धार्मिक स्थल के बाहर हुए आक्रमण में २ यहूदी धर्मानुयायी मारे गए थे । उसके बाद अब यह घटना घटी ।

१. पिछले ४ वर्षों से यह मस्जिद १० से १५ लोगों के छोटे स्थानीय समुदाय के लिए उपासना का स्थान रही है । मस्जिद के स्वयंसेवक प्रबंधकों ने बताया कि सीसीटीवी के चित्रण में मुखौटे पहने हुए २ व्यक्ति दिखाई दिए । उन्होंने पहले द्वार को तोडने का प्रयास किया तथा बाद में सीडियों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी ।

२. पुलिस ने बताया कि आग में मस्जिद का सामने का भाग और बाहर खडी एक गाडी जल गई । यह गाडी मस्जिद के अध्यक्ष की थी और उनकी आजीविका इसी पर निर्भर थी ।

३. मस्जिद के प्रबंधकों ने बताया कि इस मस्जिद पर आक्रमण होने का यह पहला अवसर नहीं है । इससे पहले एक रात यहां अंडे डाले गए थे और अपशब्दों का भी प्रयोग हुआ था ।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीअर स्टार्मर ने इस घटना की निंदा की और चेतावनी देते हुए कहा कि देश में घृणा की भावना पुनः बढने लगी है और ब्रिटेन को उस पर फिर से विजय प्राप्त करना अत्यावश्यक है ।

संपादकीय भूमिका

यूरोप में मध्य-पूर्व के मुसलमान प्रवासियों को शरण देने के बाद यूरोप की सामाजिक स्थिति दयनीय हो गई है । मुसलमानों के अपराधों से वे त्रस्त हो गए हैं, इसलिए ऐसी घटनाएं होने लगी हैं । उन्हें अब आत्मघाती सर्वधर्मसमभाव का पश्चात्ताप होने लगा है, यही इस घटना से समझ में आता है ।