(और इनकी सुनिए…) ‘जिनके आंखें ही नहीं हैं, उनके पाप कितने होंगे ।’ – Chandrashekhar Azad Ravan

समाजवादी पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद की जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर निंदनीय टिप्पणी –

समाजवादी पार्टी के सांसद चन्द्रशेखर आजाद एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य

लक्ष्मणपुरी (उत्तरप्रदेश) – जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख तथा नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने नाम लिए बिना जिनके आंखें ही नहीं हैं, उनके पाप कितने होंगे” जैसी अश्लील टिप्पणी की ।

बरेली में १७ सितंबर को हुई एक सभा में चंद्रशेखर बोल रहे थे । उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य का नाम लिए बिना कहा कि संत व्यक्ति की न तो कोई जाति होती है और न धर्म । संत सबका होता है । मेरठ शहर का नाता १८५७ के स्वतंत्रता संग्राम से जुडा है । इसलिए उस भूमि का अनुचित तरीके से उल्लेख करना ठीक नहीं है । मैंने सुना है, “उन्हें बचपन से दिखता भी नहीं ।” “मनुष्य को पूर्वजन्म के कर्मों का फल मिलता है”, ऐसा भी हमने सुना है, तो पिछले जन्म में उन्होंने कितने बुरे कर्म किए होंगे कि प्रकृति ने उन्हें आंखें ही नहीं दीं । उनके पापों का फल कितना होगा ? और लोग ऐसे अपराधी से ज्ञान ले रहे हैं ।

क्या है घटना ?

कुछ दिन पूर्व मेरठ में आयोजित रामकथा के समय जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पश्चिम उत्तरप्रदेश को “छोटा पाकिस्तान” कहा था । उन्होंने कहा था – “आज हिन्दुओं पर बड़ा संकट आ पड़ा है। यहां आने पर छोटे पाकिस्तान में आने जैसा अनुभव होता है ।”

संपादकीय भूमिका

समाजवादी पार्टी की हिन्दू-विरोधी मानसिकता इससे स्पष्ट होती है । हिन्दुओं की देवता, धर्मग्रंथ और संत-महंत पर नीच स्तर पर जाकर टिप्पणी करने वालों से भरी हुई समाजवादी पार्टी का राजनीतिक अस्तित्व हिन्दू अवश्य समाप्त करेंगे।