मैसूर दशहरा के उद्घाटन का आमंत्रण बानू मुश्ताक को ठुकराना चाहिए ! – अब्दुल अजीम, पूर्व सदस्य, विधान परिषद

बाईं ओर अब्दुल अजीम और बानू मुश्ताक।

बेंगलुरु (कर्नाटक) – हिन्दुओं ने बानू मुश्ताक से मैसूर दशहरा का उद्घाटन न करने का आह्वान किया है । इसलिए बानू मुश्ताक को दशहरा के उद्घाटन के लिए नहीं जाना चाहिए । उन्हें सरकार का आमंत्रण ठुकरा देना चाहिए । किसी श्रेष्ठ हिन्दू को यह उद्घाटन करना चाहिए, यह अनुरोध कर्नाटक विधान परिषद के पूर्व सदस्य एवं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी अब्दुल अजीम ने मीडिया से बात करते हुए किया । (एक मुस्लिम व्यक्ति हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं का आदर करके सरकार को सही बात बता रहा है; लेकिन क्या धर्मांध मुसलमानों का तुष्टिकरण करने में लिप्त कांग्रेस को यह बात समझ में आएगी ? – संपादक)

अब्दुल अजीम ने आगे कहा कि :

१. कर्नाटक सरकार ने बानू मुश्ताक को दशहरा के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया है । उन्होंने यह आमंत्रण स्वीकार भी कर लिया है; लेकिन राज्य के हिन्दू कह रहे हैं कि दशहरा हिन्दुओं का धार्मिक त्योहार है तथा इसे हिन्दू लोगों को ही मनाना चाहिए ।

२. मैं ने पुलिस सेवा में रहते हुए लगभग १० वर्षों तक दशहरा त्योहार के दौरान चामुंडीदेवी मंदिर, मैसूर पैलेस, विजयादशमी एवं शस्त्रपूजा की सुरक्षा के लिए काम किया है । इससे मुझे यह समझ में आया कि दशहरा हिन्दुओं का धार्मिक त्योहार है । बकरीद एवं रमजान मुसलमानों के त्योहार हैं । हमारे धर्म में जो प्रथाएं हैं, हम उनका पालन करते हैं । (मुसलमानों का तुष्टिकरण करने के लिए बेचैन कांग्रेस के जन्म से हिन्दू नेता क्या एक मुस्लिम से हिन्दू धर्म समझेंगे या अपने आप को सही मानकर उसी तरह रहेंगे ? – संपादक)

३. हिन्दुओं के ग्रंथ, पुराण, वेद, उपनिषद, भगवद्गीता, महाभारत एवं रामायण में श्री चामुंडीदेवी का उल्लेख है । श्री चामुंडीदेवी द्वारा महिषासुर का वध करने की विजय के उत्सव के रूप में दशहरा मनाया जाता है । यह हिन्दुओं का धार्मिक त्योहार है । ऐसे में हिन्दुओं के धार्मिक त्योहार का उद्घाटन यदि कोई मुस्लिम करता है, तो उनकी भावनाएं आहत हो सकती हैं । इससे विवाद उत्पन्न हो सकता है तथा हिन्दू-मुसलमानों में द्वेष बढने की संभावना है ।

४. यदि राज्य सरकार को बानू मुश्ताक के प्रति प्रेम और आदर है, तो उन्हें दशहरा कार्यक्रम में उनका सत्कार करना चाहिए; लेकिन उनके हाथों दशहरा का उद्घाटन करना उचित नहीं है ।

५. बानू मुश्ताक की अपेक्षा किसी श्रेष्ठ धार्मिक हिन्दू नेता, कन्नड व्यक्ति या देश के लिए सेवा करनेवाले व्यक्ति को चुनकर सरकार को उनके हाथों दशहरा का उद्घाटन करवाना चाहिए ।

संपादकीय भूमिका  

क्या कर्नाटक की कांग्रेस सरकार अब अपनी जिद छोडकर बानू मुश्ताक के हाथों होने वाला उद्घाटन निरस्त करेगी ?