Malegaon Blast Verdict : मालेगांव २००८ विस्फोट प्रकरण में सभी ७ संदिग्ध आरोपी निर्दाेष !

मुंबई, ३१ जुलाई (संवाददाता) : मालेगांव २००८ विस्फोट प्रकरण में मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश लाहोटी ने निर्णय का वाचन करते हुए सभी ७ आरोपियों को बरी किया । इस समय न्यायाधीश लाहोटक्ष ने ‘आतंकवाद का धर्म नहीं होता’, यह भी स्पष्ट किया ।

इस निर्णय में समाहित निम्न १० महत्त्वपूर्ण सूत्र

१. आर्.डी.एक्स. तबा बम कर्नल पुरोहित ने लाए अथवा उसकी आपूर्ति की, इसका कोई प्रमाण नहीं है ।

२. साध्वी की बाईक का विस्फोट से कोई संबंध नहीं था ।

३. आरोपियों की बैठकें हुई थीं, इसका प्रमाण नहीं है ।

४. आरोपियों के मोबाइल में भी कोई प्रमाण नहीं मिले ।

५. आरोपियों पर यूएपीए की धारा लगाना उचित नहीं था ।

६. कर्नल पुरोहित ने विस्फोट के लिए ‘अभिनव भारत’ संगठन के पैसों का उपयोग किया, इसका प्रमाण नहीं है ।

७. पंचनामा ठीक से नहीं किया गया ।

८. के‍वल संदेह के आधार पर आरोपियों को दंड नहीं मिल सकता ।

९. आरोपियों को मिला संदेह का लाभ

१०. सभी ७ आरोपी बरी : कर्नल प्रसाद पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकूर , मेजर रमेश उपाध्याय, समीर कुळकर्णी, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी एवं सुधाकर द्विवेदी