दुर्ग (छत्तीसगढ़) – दुर्ग रेलवे स्टेशन से २ नन और एक युवक को महिलाओं की तस्करी एवं बलपूर्वक धर्मांतरण का प्रयास करने के आरोप में बंदी बनाया गया है । ये तीनों ३ आदिवासी युवतियों को आगरा ले जा रहे थे, जहां उनका धर्मांतरण किया जाना था । बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सतर्कता के चलते रेलवे पुलिस ने यह कार्रवाई की । बंदी बनाए गए लोगों के नाम हैं – सिस्टर प्रीति मेरी, वंदना फ्रांसिस और सुखमन मंडावी ।
🚨 Conversion Attempt Foiled in Durg, Chhattisgarh!
✝️ 3 arrested; including 2 nuns, for trying to convert tribal girls
Despite repeated incidents, the lack of a strict nationwide anti-conversion law lets missionary networks operate freely@prabaljudevBJP @ssaratht
VC:… pic.twitter.com/QojwM36Zaj— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 27, 2025
१. आदिवासी युवतियों ने बताया कि उन्हें आगरा में अच्छी नौकरी तथा उच्च शिक्षा देने का प्रलोभन दिया गया था ।
२. गिरफ्तार आरोपी ८ साल पहले कोरबा जिले के दुर्गम जंगलों में एक मिशनरी चिकित्सालय चला रहे थे । वहां इलाज के नाम पर दलित और आदिवासी लोगों को बहला-फुसलाकर उनका धर्मांतरण किया जाता था । इसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश भेज दिया जाता था ।
संपादकीय भूमिकादेश में कडा धर्मांतरण विरोधी कानून न होने के कारण आज भी ईसाई मिशनरियों द्वारा खुलेआम धर्मांतरण किया जा रहा है । |
मुंबई लोकल रेलगाडियों में चल रहे धर्मांतरण एवं पाखंड का गुप्त संकट रोकने के लिए विशेष नियमावली तैयार करेंगे।
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