Durg Conversion : दुर्ग (छत्तीसगढ़) में आदिवासी युवतियों का धर्मांतरण करने का प्रयास करने वाले ३ लोगों को बंदी बनाया, उनमें से २ नन (ईसाई साध्वी महिला) भी सम्मिलित थी

दुर्ग (छत्तीसगढ़) – दुर्ग रेलवे स्टेशन से २ नन और एक युवक को महिलाओं की तस्करी एवं बलपूर्वक धर्मांतरण का प्रयास करने के आरोप में बंदी बनाया गया है । ये तीनों ३ आदिवासी युवतियों को आगरा ले जा रहे थे, जहां उनका धर्मांतरण किया जाना था । बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सतर्कता के चलते रेलवे पुलिस ने यह कार्रवाई की । बंदी बनाए गए लोगों के नाम हैं – सिस्टर प्रीति मेरी, वंदना फ्रांसिस और सुखमन मंडावी ।

१. आदिवासी युवतियों ने बताया कि उन्हें आगरा में अच्छी नौकरी तथा उच्च शिक्षा देने का प्रलोभन दिया गया था ।

२. गिरफ्तार आरोपी ८ साल पहले कोरबा जिले के दुर्गम जंगलों में एक मिशनरी चिकित्सालय चला रहे थे । वहां इलाज के नाम पर दलित और आदिवासी लोगों को बहला-फुसलाकर उनका धर्मांतरण किया जाता था । इसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश भेज दिया जाता था ।

संपादकीय भूमिका

देश में कडा धर्मांतरण विरोधी कानून न होने के कारण आज भी ईसाई मिशनरियों द्वारा खुलेआम धर्मांतरण किया जा रहा है ।