यह स्थिति हिन्दुओं के लिए लज्जाजनक !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार

‘मुसलमानों और ईसाइयों के धार्मिक उत्सव के समय लोगों को इकट्ठा करने के लिए नाटक, चलचित्र, वाद्यवृंद जैसे कार्यक्रम नहीं रखने पडते । इसके विपरीत हिन्दुओं के धार्मिक उत्सव के समय ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करना पडता है । इससे प्रश्न निर्माण होता है कि, ‘क्या हिन्दू केवल मनोरंजन के लिए धार्मिक उत्सव मनाते हैं ?’

– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक संपादक, ʻसनातन प्रभातʼ नियतकालिक