(और उनकी सुनिए) ‘महिलाओं के लिए मुसलमान पुरुष हैं ‘आदर्श जीवनसाथी’।

  • २५ देशों में किए गए कथित सर्वेक्षण को अधिकार पूर्वक प्रसारित किया –

  • महिलाओं को मुसलमान पुरुषों में अधिक रुचि होने का निकाला गया निष्कर्ष ।

 

नई दिल्ली – हाल के वर्षों में वैश्विक ‘डेटिंग’ (प्रेम करने से पूर्व एक-दूसरे का स्वभाव, आदतें तथा जीवनशैली जानने हेतु युवक-युवतियों द्वारा एक साथ समय बिताना) एवं संबंधों की प्राथमिकताओं में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है । अनेक महिलाओं की मुसलमान पुरुषों में रुचि बढ़ रही है, ऐसा निष्कर्ष निकाला गया है । महिलाएं मुसलमान पुरुषों को ‘आदर्श जीवनसाथी’ के रूप में देखती हैं । २५ देशों में किए गए एक सर्वेक्षण के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है , परंतु यह सर्वेक्षण किसने किया ?, कब किया ?, तथा वे २५ देश कौन से हैं ?, इस विषय में कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है । यह समाचार ‘इंडिया हेराल्ड ग्रुप’ तथा ‘ओबीन्यूज़’ द्वारा प्रसारित किया गया है ।

कथित सर्वेक्षण के हास्यास्पद सूत्र ।

१. इस्लामी परवरिश के कारण पुरुषों में धार्मिक अनुशासन, परिवार के प्रति वचनबद्धता तथा भावनात्मक सामंजस्य जैसे गुण उत्पन्न होते हैं एवं यही कारण है कि महिलाएं उनकी ओर आकर्षित होती हैं ।

२. आज स्वार्थी और उच्छृंखल संबंधों की मानसिकता विश्व के अनेक भागों में देखने को मिलती है । कुछ महिलाओं को यह पसंद नहीं आने के कारण वे मुसलमान पुरुषों की ओर अधिक मात्रा में आकर्षित होती हैं ।

३. जिन महिलाओं को भावनात्मक रूप से विश्वसनीय जीवनसाथी की आवश्यकता होती है, वे इस्लाम का पालन करनेवाले मुसलमान पुरुषों की ओर आकर्षित होती हैं । संपूर्ण विश्व की महिलाएं अब मुसलमान पुरुषों को आदर्श जीवनसाथी के रूप में देखने लगी हैं ।

संपादकीय भूमिका 

  • यदि ऐसा है, तो मुसलमान पुरुष अपनी धार्मिक पहचान छुपाकर हिन्दू अथवा ईसाई लड़कियों को प्रेमजाल में उलझाने का प्रयास क्यों करते हैं ?
  • यह निष्कर्ष मुसलमान पुरुषों के विषय में सकारात्मक छवि प्रस्तुत करने हेतु ‘इस्लामी-साम्यवादी इकोसिस्टम’ का दयनीय प्रयास है । ऐसे प्रयासों को विफल करने के लिए हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन तथा भारतीय जनता पार्टी की सरकार को प्रयास करने चाहिए।