बिहार के विधायकों द्वारा गोवा के सनातन आश्रम को सद्भावना भेंट !

विधायक प्रा. (डॉ.) वीरेंद्र यादव, विधायक कुमार नागेंद्र, विधायक सर्वेश कुमार सहित अधिवक्ता वसिष्ठ यादव रहे उपस्थित

विधायक प्रा. (डॉ.) वीरेंद्र यादव को सम्मानित करते हुए धर्मप्रचारक संत सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी (बाईं ओर)

रामनाथी (फोंडा) – बिहार के जनता दल (संयुक्त) दल के विधायक प्रा. (डॉ.) वीरेंद्र यादव, उनके भाई अधिवक्ता वसिष्ठ यादव, राष्ट्रीय जनता दल के विधायक कुमार नागेंद्र तथा निर्दलीय विधायक सर्वेश कुमार, साथ ही उनके परिजनों ने १ जुलाई को यहां के सनातन आश्रम का सद्भावना अवलोकन किया । ये सभी विधायक बिहार की विधान परिषद के विधायक हैं । सनातन के साधक श्री. निषाद देशमुख ने उन्हें आश्रम में चल रहे राष्ट्र, धर्म, अध्यात्म एवं शोधकार्य आदि कार्य से अवगत कराया । इन सभी ने जिज्ञासा के साथ आश्रम के कार्य की जानकारी ली ।

इस अवसर पर धर्मप्रचारक संत सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने प्रा. (डॉ.) वीरेंद्र यादव को शॉल, श्रीफल एवं भेंटवस्तु देकर सम्मानित किया । उस समय अन्य मान्यवरों ने विनम्रता के साथ कहा, ‘‘यहां हम भगवान के द्वार पर आए हैं । वास्तव में देखा जाए, तो हमें अपना तन-मन अर्पण कर आपकी सहायता करनी चाहिए; परंतु उल्टे आप ही हमें सम्मानित कर रहे हैं ।’’ यह भावना व्यक्त कर उन्होंने केवल आश्रम का प्रसाद एवं ग्रंथ स्वीकार किए ।

आश्रम के अवलोकन के उपरांत मान्यवरों ने कहा, ‘‘हम सभी एक ही कॉलोनी में (संकुल में) रहते हैं । वहां हमारे घरों में से एक घर को आप अपना आश्रम बनाएं । इसके लिए हम आपकी हरसंभव सहायता करेंगे । आश्रम एवं सनातन संस्था का कार्य विशद कर आपने हमें क्रियाशील होने के लिए प्रेरित किया ।’’ उन्होंने वाराणसी सेवाकेंद्र के अवलोकन की इच्छा व्यक्त की, साथ ही उन्होंने बिहार में जहां वे रहते हैं, उस परिसर में व्याख्यान का आयोजन करने का आग्रह किया ।

पृथ्वी पर ऐसा कोई आश्रम हो सकता है, इसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी ! – उत्स्फूर्त अभिमत

 

आश्रम देखकर ‘पृथ्वी पर ऐसा कोई आश्रम हो सकता है, इसकी हमने कभी कल्पना ही नहीं की थी’, ऐसे उत्स्फूर्त उद्गार उन्होंने इस अवसर पर व्यक्त किए । आश्रम की फर्श पर अंकित ‘ॐ’ का दैवी चिन्ह देखने पर उन्होंने कहा, ‘यह दिव्य अनुभूति है ।’

मान्यवरों द्वारा व्यक्त अभिमत

१. विधायक प्रा. (डॉ.) वीरेंद्र यादव – आश्रम देखकर मैं अंतःकरण से प्रभावित हुआ । विश्व को सुंदर बनाने की साधना यहां बताई जाती है । आश्रम का व्यवस्थापन सर्वोत्तम एवं अनुकरणीय है ।

२. विधायक कुमार नागेंद्र – यहां आने पर एक भिन्न प्रकार की अनुभूति हुई । गोवा में सनातन के (धर्म के) संदर्भ में जो कार्य हो रहा है, वह प्रेरणादायी है । वैज्ञानिक पद्धति से ग्रंथों का लेखन तथा घटनाओं के संदर्भ में शोधकार्य के माध्यम से जो कार्य चल रहा है, वह बहुत प्रभावशाली है ।

३. श्रीमती मिंटी कुमारी (विधायक कुमार नागेंद्र की धर्मपत्नी) – आश्रम देखकर आनंद की अनुभूति हुई । मैंने यहां सहजता, स्वच्छता एवं सकारात्मकता का अनुभव किया । सूक्ष्म जगत से संबंधित प्रदर्शनी बहुत अच्छी है ।

४. अधिवक्ता वसिष्ठ यादव – आश्रम आने पर मन में पवित्रता का भाव जागृत हुआ । यहां का व्यवस्थापन तथा यहां रहनेवालों का अध्यात्म के प्रति समर्पण देखकर मुझे प्रेरणा मिली । सूक्ष्म जगत से संबंधित प्रदर्शनी देखकर स्वयं के आचरण में पवित्रता लाने की प्रेरणा मिली । ऐसा आश्रम यदि बिहार एवं अन्य राज्यों में बना, तो अच्छा होगा ।

५. विधायक सर्वेश कुमार – ‘अलौकिक ! जीवन को परिवर्तित करनेवाली संस्था ! स्वच्छता, संस्कार तथा जीवन को दिशा देनेवाली यह एक सक्षम संस्था है ।

६. श्रीमती अमिता सिन्हा (विधायक सर्वेश कुमार की धर्मपत्नी) – आश्रम देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा । मैं यहां से बहुत कुछ सीखकर जा रही हूं । इसके आगे मैं अपने (साधना) प्रयास करूंगी । पुनः गोवा आने पर मैं यहां अवश्य आऊंगी । आश्रम के साधकों का सेवाभाव मुझे बहुत अच्छा लगा ।

सनातन प्रभात’ की जानकारी लेते हुए विधायक सर्वेश कुमार, विधायक प्रा. (डॉ.) वीरेंद्र यादव, विधायक कुमार नागेंद्र तथा अन्य को जानकारी देते हुए श्री. निषाद देशमुख (दाहिनी ओर)

क्षणिकाएं

१. मितव्ययिता से जीवन जीने का किया निश्चय : ‘आश्रम के साधकों द्वारा पालन की जा रही सुव्यवस्था, स्वच्छता तथा साधना के प्रयास आदि को हम भी अपने जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे । ‘मितव्ययिता ईश्वर का गुण है; क्योंकि उपभोग की कोई सीमा नहीं होती’, इसका आश्रम देखकर स्पष्टता से भान हुआ । अतः हम मितव्ययिता से जीवन जीने का प्रयास करेंगे । आश्रम में रहकर पूर्णकालीन साधना करनेवाले साधक महात्मा ही हैं, ऐसा प्रतीत होता है’, ऐसा भी उन्होंने आश्रम का अवलोकन करते हुए कहा ।

२. गोवा में हिन्दू धर्म एवं संस्कृति संजोनेवाला इतना अच्छा आश्रम : विधायक प्रा. (डॉ.) वीरेंद्र यादव, विधायक कुमार नागेंद्र, विधायक सर्वेश कुमार एवं अधिवक्ता वसिष्ठ यादव, साथ ही उनके परिजन ३ दिन गोवा में थे । उन्होंने कहा, ‘पहले २ दिन समुद्र तट तथा चर्च देखकर हम ऊब गए थे । ‘तीसरा दिन गोवा में कैसे बिताया जाए ?’, यह हमारे सामने प्रश्न था; परंतु आश्रम आने पर हमें बहुत अच्छा लगा । ईश्वर ही हमारे लिए जो आवश्यक था, उस वातावरण में अर्थात आश्रम ले आए । गोवा में बाह्यरूप से समुद्रतट आदि हैं; परंतु गोवा में हिन्दू धर्म एवं संस्कृति संजोनेवाला इतना अच्छा आश्रम है, यह यहां आने पर हमें ज्ञात हुआ’, ऐसा भी आश्रम के अवलोकन के उपरांत इन मान्यवरों ने कहा ।