प्रथा-परंपराओं का सम्मान कर श्रीगणेशमूति विसर्जन की नीति सुनिश्चित करें ! – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई, २८ जून (संवाददाता) – प्लास्टर ऑफ पॅरिस की (पीओपी की) बडी गणेशमूर्तियों के विसर्जन के संबंध में प्रथा-परंपराओं का सम्मान करते हुए पर्यावरण की दीर्घकालीन उपाययोजनाओं से युक्त नीति बनाएं, ऐसे निर्देश महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को दिए । २७ जून को सह्याद्री अतिथिगृह में हुई बैठक में पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव मनाने के विषय पर मुख्यमंत्री ने उक्त निर्देश दिए । इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यमंत्री अधिवक्ता आशिष शेलार, मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त भूषण गगराणीसहित पर्यावरण विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे ।

डॉ. अनिल काकोडकर

१. मुंबई उच्च न्यायालय के द्वारा राज्य सरकार को प्लास्टर ऑफ पॅरिस की श्रीगणेशमूर्तियों के विषय में नीति घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं । उसके उपरांत राज्य सरकार ने राजीव गांधी विज्ञान -प्रौद्योगिकी आयोग से ब्योरा मांगा । आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिल काकोडकर ने इस विषय में राज्य सरकार को अपना ब्योरा प्रस्तुत किया है।

२. इस ब्योरे में समुद्र की गहराई में बडी मूर्तियों का विसर्जन करने के विषय में अध्ययन करना आवश्यक होने का उल्लेख किया गया था । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासनिक अधिकारियों को इस विषय में अध्ययन कर न्यायालय में सरकार का पक्ष रखने का निर्देश दिया ।

३. सार्वजनिक श्रीगणेशमूर्तियों के विसर्जन के उपरातं समुद्रतट को स्वच्छ रखने के लिए ठोस उपाय करना आवश्यक है, साथ ही श्रीगणेशमूर्ति बनाते समय पर्यावरणपूरक सामग्री तथा नैसर्गिक रंगों का उपयोग किया जाए, ऐसा भी मुख्यमंत्री ने बताया ।

४. डॉ. अनिल काकोडकर ने कहा, ‘‘रासायनिक रंगों के कारण प्रदूषण अधिक होता है; इसलिए प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें ।’’