विद्यालयीन सामग्री खरीद की अनिवार्यता के विरोध में प्रस्तुत किए गए ज्ञापन का संज्ञान लेकर सोलापुर के शिक्षाधिकारी ने जारी किया आदेश !

  • ‘सुराज्य अभियाना’की सफलता

  • विद्यालयों द्वारा विशिष्ट दुकान से ही विद्यालयीन सामग्री खरीदने के लिए की जानेवाली अनिवार्यता रोकने की सुराज्य अभियान की ओर से की गई थी मांग

बाईं ओर से श्री. शिवलिंग शाबादे, पूर्व पार्षद श्री. चंद्रकांत रमणशेट्टी, बोलते हुए श्री. दत्तात्रय पिसे, श्री. राजन बुणगे, अधिवक्ता सतीश गाजूल एवं श्री. विक्रम घोडके

सोलापुर, २६ जून (संवाददाता) : राज्य में नए शैक्षणिक वर्ष का आरंभ होते ही अनेक विद्यालयों द्वारा छात्रों को कुछ विशिष्ट दुकानों से ही शिक्षा सामग्री, गणवेश, बहियां-पुस्तकें, बूट इत्यादि की खरीद करना अनिवार्य किया जा रहा है । इसके अतिरिक्त निजी वर्ग में प्रवेश लेना तथा चंदा देने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है । इस अनिवार्यता के माध्यम से विद्यालयों के व्यवस्थापन तथा व्यापारियों के मध्य आर्थिक लेन-देन होने की बात सामने आई है । इस पृष्ठभूमि पर ‘सुराज्य अभियान’के अंतर्गत सोलापुर जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) कादर शेख तथा जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) सचिन जगताप को ज्ञापन प्रस्तुत किए गए । इस ज्ञापन का तुरंत संज्ञान लेकर इन दोनों शिक्षाधिकारियों ने ‘यदि ऐसी घटनाएं होती हुई दिखाई दी, तो अभिभावक तत्काल उसकी शिकायत करें’, यह आवाहन करनेवाला आदेश प्रसारित किया ।
सर्वसामान्य नागरिकों को भी इसकी जानकारी मिले; इसके लिए २५ जून को यहां के श्रमिक पत्रकार संघ में पत्रकार वार्ता की गई । इस पत्रकार वार्ता में ‘हिन्दू राष्ट्र राष्ट्र समन्वयक समिति’के अधिवक्ता सतीश गाजूल, पूर्व पार्षद श्री. चंद्रकांत रमणशेट्टी, हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. राजन बुणगे, सुराज्य अभियान के श्री. दत्तात्रय पिसे, श्री. विक्रम घोडके एवं श्री. शिवलिंग शाबादे उपस्थित थे ।

‘एक महत्त्वपूर्ण विषय पर हमें ज्ञापन प्राप्त होने से हम उस पर तत्काल कार्यवाही करेंगे’, ऐसा माध्यमिक विभाग के शिक्षाधिकारी सचिन जगताप ने स्पष्ट किया, जबकि ‘इस ज्ञापन के माध्यम से ही हमें यह जानकारी मिली; इसलिए हम तत्काल अपना कर्तव्य निभाएंगे’, ऐसा प्राथमिक विभाग के शिक्षाधिकारी कादर शेख ने कहा ।

पत्रकार वार्ता में उपस्थित पत्रकारों ने उत्स्फूर्तता से यह बात कही कि हमें ‘सुराज्य अभियान’ की ओर से लिए गए सभी विषय अच्छे लगे । हम भी आपके इस अभियान में आपके साथ हैं ।

पूरे राज्य से व्यापक प्रत्युत्तर तथा कार्यवाही का आरंभ !

‘सुराज्य अभियान’के अंतर्गत अभी तक जलगांव, बीड, लातुर, धाराशिव, कोल्हापुर, पुणे, नासिक, अकोला, सातारा, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग आदि १३ से अधिक जिलों में स्थानीय शिक्षाधिकारियों को ज्ञापन प्रस्तुत किए गए हैं । उनमें से अनेक अधिकारियों ने इस पर तत्काल कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है तथा कुछ स्थानों पर आदेश एवं सूचनापत्र प्रसारित किए गए हैं । अभी तक जलगांव, नासिक, सोलापुर, बीड एवं लातुर के शिक्षाधिकारियों ने आदेश प्रसारित किया है । बीड में स्थानीय अधिवक्ता भी इस अभियान में सक्रियतापूर्वक सहभागी हुए हैं ।

सुराज्य अभियान की ओर से की गई मांगें !


१. राज्य के प्रत्येक जिले में इस प्रकार का स्पष्टतापूर्ण आदेश शिक्षाधिकारियों की ओर से प्रसारित हो । विद्यालयों से इस आदेश का पालन हो रहा है न ?, इसकी पडताल की जाए । आदेश का पालन न करनेवाले विद्यालयों को उचित निर्देश दिए जाएं तथा तब भी उन्होंने कार्यान्वयन नहीं किया, तो उन पर आर्थिक दंड की कार्यवाही की जाए ।

२. ऐसा शिकायतों का निपटारा करने के लिए ‘हेल्पलाईन क्रमांक’ चलाया जाए तथा उसका व्यापक प्रसार किया जाए ।

संपादकीय भूमिका

वास्तव में ऐसी मांग करनी ही क्यों पडती है ? सरकार को स्वयं ही ऐसी अनिवार्यता रोकनी चाहिए !