‘सी- ६०’ जवानों का सम्मान !
गढ़चिरौली – महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित कवंडे एक अति दुर्गम तथा नक्सल प्रभावित गांव है । यहां करोड़ों के इनामी १२ नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया । हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने की यह पहली घटना है । इस अवसर पर उन्होंने सरकार को एके- १०३, एएसएमआई पिस्तौल, बुलेटप्रूफ जैकेट सौंपी । उन्होंने अपनी बुलेटप्रूफ गाड़ियां भी पुलिस को सौंपी । यहां आयोजित कार्यक्रम में ‘सी- ६०’ जवानों का भी सम्मान किया गया । (सी- ६० एक पुलिस बल है , जिसे विशेष स्तर पर नक्सलियों को मारने के लिए बनाया गया है।)

१. आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को भारतीय संविधान की एक प्रति भेंट की गई ।
२. हाल ही में यहां १३ आत्मसमर्पित नक्सलियों का सामूहिक विवाह समारोह भी आयोजित किया गया था । इस अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा था कि मैंने इस गांव का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की । पुलिस ने एक दिन में यहां एक पुलिस स्टेशन स्थापित किया । यह सिर्फ एक पुलिस स्टेशन नहीं है , अपितु सरकार तथा प्रशासन को लोगों तक पहुंचाने की पहल है ।
पिछले २ वर्षों में यहां ६ पुलिस स्टेशन बनाए गए । पिछले डेढ़ साल में २८ नक्सली मारे गए । ३१ माओवादी बंदी बनाए गए, जबकि ४४ लोगों ने आत्मसमर्पण किया । मैंने आज वह जगह भी देखी , जहां नक्सली छिपे हुए थे । सिर तक पानी में डूब जाएं, ऐसे स्थान पर कौशल दिखाकर ४ नक्सलियों को मार गिराया । महाराष्ट्र में ४ वर्षों से नक्सल भर्ती पूरी तरह बंद थी । गृह मंत्री अमित शाह ने इसके लिए बहुत कठोर कदम उठाए तथा अब नक्सलवाद नष्ट होने के मार्ग पर है ।
संपादकीय भूमिकाइसी तरह भारत की जड़ों में व्याप्त ‘स्लीपर सेल’ आतंकवाद को नष्ट करने के लिए भी युद्धस्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है ! |
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