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मुंबई, २४ मार्च (वार्ता) – सामाजिक माध्यम पर एक व्यंग्यात्मक गीत के लघु चलचित्र में स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने शिवसेना नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना उन्हें ‘देशद्रोही’ कहा। इसका परिणाम २४ मार्च को विधानसभा में दिखाई दिया । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘सभी को स्टैंड-अप कॉमेडी करने का अधिकार है; “किन्तु स्वतंत्रता के नाम पर स्वैराचार स्वीकार्य नहीं है।” यह संकेत कामरा को दिये। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चेतावनी भी दी कि कामरा इस प्रकरण में शिंदे जी से क्षमायाचना करें , अन्यथा उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
कुणाल कामरा ही इसका सूत्रधार है या कोई अन्य, इसका अन्वेषण होना चाहिए !
सदन में यह विषय उठाते हुए शिवसेना विधायक अर्जुन खोतकर ने कहा कि कुणाल कामरा ने एकनाथ शिंदे का अपमान किया है और पहले भी उसने हिन्दू संस्कृति और हिन्दू देवी-देवताओं काे हास्य का पात्र बना कर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। ऐसा करने से राज्य में कानून और व्यवस्था की समस्या निर्माण हो सकती है। कुणाल कामरा किस से सुपारी लेकर सामाजिक वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। हमें इसका शोध लेना होगा कि इसके पार्श्व में कौन है, इसका सूत्रधार कौन है। कामरा के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि, किसी काे इस तरह का स्वैराचार पुन: करने का साहस न हो। विधायक खोतकर ने उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
भाजपा-शिवसेना विधायक कामरा के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए आक्रामक !
इसके उपरांत सत्तारूढ भाजपा-शिवसेना विधायकों ने सदन में स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के विरुद्ध आक्रामक भूमिका अपनायी । विधायक अध्यक्ष के समक्ष खुले स्थान पर आ गए और कामरा के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाने लगे। जिसके फलस्वरूप सदन में हंगामा मच गया और विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सदन की कार्यवाही ५ मिनट के लिए स्थगित कर दी। सदन में जब हंगामा हो रहा था, तब विपक्ष के एक भी सदस्य ने कुणाल की निंदा नहीं की, अपितु इसके विपरीत विपक्ष चुपचाप बैठा रहा, मानो वे उसकी निंद्य कृति का समर्थन कर रहे हों।
हम कुणाल कामरा के विरुद्ध कठोर आपराधिक दंडात्मक कार्रवाई करेंगे और उसे सबक सिखाएंगे ! – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एकनाथ शिंदे जी का ऐसा अपमान अत्यंत गंभीर प्रकरण है। कामरा ने यह कृत्य केवल प्रचार के लिए किया है। उन्हें ज्ञात होना चाहिए कि महाराष्ट्र की जनता ने वर्ष २०२४ में दिखा दिया है कि कौन ‘देशद्रोही’ है और कौन ‘स्वार्थी’ है।
2024 के चुनाव में जनता ने निर्णय कर दिया था, ‘कौन गद्दार है, कौन खुद्दार है…’
स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी को अपमानित करना निंदनीय है। उन्होंने इसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए!
(मीडिया से संवाद | मुंबई | 24-3-2025)#Maharashtra #Mumbai pic.twitter.com/kDznwvs8X5
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) March 24, 2025
हिन्दू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे की वैचारिक परंपरा किसके पास है? यह जनता ने तय कर लिया है। इसलिए किसी को भी इस तरह की निम्न स्तरीय कॉमेडी करके राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का अपमान करने का अधिकार नहीं है। आपको कॉमेडी कर सकते हैं किन्तु यदि कोई इसका उपयोग दूसरों को अपमानित करने के लिए कर रहा है तो इसे सहन नहीं किया जाएगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुणाल कामरा के इस निंद्य कृत्य के उपरांत भी कुछ विपक्षी सदस्य उसका समर्थन कर रहे हैं। यदि कुणाल कामरा ने संविधान की चो पुस्तक दिखा रहे हैं, उसका अध्ययन किया होता तो उन्हें दिखता कि, उसमें लिखा है कि स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। आप किसी दूसरे की स्वतंत्रता का अतिक्रमण नहीं कर सकते। कुणाल कामरा के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर उसे सबक सिखाया जाएगा।
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