नागपुर दंगा मामला

मुंबई – नागपुर में हुए दंगे सुनियोजित थे ; यहां पत्थरों से भरी एक ट्रॉली मिली है। कुछ लोगों ने अपने घरों पर पत्थर जमा कर दिए थे। बड़ी संख्या में हथियार भी जब्त किये गये हैं। वाहनों में आग लगा दी गई। कुछ घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस उपायुक्त पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। हम पुलिस पर हमला करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ेंगे। इस घटना में वाहन जल गए। इस पूरी घटना में ३३ पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुल ५ नागरिक घायल हुए हैं। तीन का इलाज कर उन्हें घर भेजा गया है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने विधानसभा को बताया कि दो लोग चिकित्सालय में हैं और एक को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा…,
१. इस मामले में ३ अपराध प्रविष्ट किए गए हैं और २ अपराध प्रविष्ट किए जा रहे हैं । ११ पुलिस थानों की सीमा में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
२. प्रवेश बिंदु पर नाकाबंदी कर दी गई है। इसमें तहसील, कोतवाली, गणेशपेठ, पाचपावली, लकड़गंज, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर, कपिलनगर पुलिस थाने शामिल हैं। वहां राज्य रिजर्व पुलिस बल की पांच टुकड़ियां तैनात की गई हैं।
३. संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। किसी भी परिस्थिति में किसी को भी कानून एवं व्यवस्था को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस शांति बनाए रख रही थी। ऐसे समय में पुलिस पर हमला करना गलत है।
४. महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। मैं सभी लोगों से अनुरोध करना चाहूंगा कि इस दौरान सभी समुदायों के धार्मिक त्यौहार चल रहे हैं। ऐसी स्थिति में सभी को धैर्य से काम लेना चाहिए।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि औरंगजेब के मकबरे को संरक्षित करना पड रहा है ! – मुख्यमंत्रीदरअसल, हमें औरंगजेब के मकबरे की क्या जरूरत है? लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने ५० साल पहले इसे संरक्षित स्थल घोषित कर दिया था। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस अवसर पर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हजारों लोगों की हत्या करने वाले औरंगजेब की कब्र को संरक्षित करना पड़ रहा है। |
राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को माफी मांगनी चाहिए ! – उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
औरंगजेब जो अत्यंत क्रूर था, उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती; लेकिन यह बेहद निंदनीय है कि सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तुलना उनसे की है। यह राज्य छत्रपति के आदर्शों पर चल रहा है। मुख्यमंत्री का अपमान महाराष्ट्र का अपमान है। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को महाराष्ट्र और मुख्यमंत्री से माफी मांगनी चाहिए।
औरंगजेब ने अपने भाई को मार डाला। पिता को बंदी बनाया । छोटे भाई को पागल बनाया । छत्रपति संभाजी महाराज को भी यातनाएं दी गईं। इसलिए, औरंगजेब निश्चित रूप से क्रूर था। सपकाल ने कहा था कि देवेंद्र फडणवीस की सरकार भी औरंगजेब के समान क्रूर तरीके से शासन कर रही है ऐसा बयान सपकाळ ने किया था। उपमुख्यमंत्री ने इसके लिए उनकी आलोचना की।
गूगल का ‘जेमिनी’ एआई प्लेटफॉर्म ‘जय श्रीराम’ का उत्तर देता है, तो ‘सिरी’ ऐसा क्यों नहीं कर सकती ? – हिन्दुत्वनिष्ठों का प्रश्न
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(और इनकी सुनिए…) “हिन्दी तथा उर्दू भारत की भाषाएं हैं, जबकि संस्कृत बाहर से आई है ।” – Congress MP Mohammad Javed
Nagpur Police : यातायात पुलिस को बंदूक रखना अनिवार्य !