१. पति के द्वारा भ्रष्ट मार्ग से कमाए पैसों का उपयोग महिलाओं तथा उनके बच्चों द्वारा किया जाता है ।
२. भ्रष्ट पैसों के कारण पतन की ओर ले जानेवाले अनुचित मार्ग
२ अ. व्यसनों का शिकार : अनेक युवक इसके कारण ही मदिरा, गुटखा, जुआ तथा अन्य अनेक व्यसनों से ग्रस्त हैं ।
२ आ. अवैध व्यवसाय : इसके साथ ही अनेक लोग अवैध व्यवसायों में लिप्त हैं ।
२ इ. यौन रोगों की बढती समस्या : अनेक महिलाओं से संबंध स्थापित होने के कारण तथा वेश्यागमन के कारण, ऐसे युवकों को अनेक रोग हुए हैं ।
३. तंग कपडे पहननेवाली महिलाओं की ओर पुरुष आकर्षित होते हैं तथा उससे उनका कार्य से ध्यान बंट जाता है । पाश्चात्य देशों की सरकारें अब ऐसे कपडे पहनने पर प्रतिबंध लगा रही हैं । भारत में भी यह होना आवश्यक है । महिलाएं इसका विरोध भी करेंगी; परंतु ध्यान में रखिए, स्वतंत्रता का अर्थ स्वैराचार नहीं है ! देखा जाए, तो सामाजिक जीवन में इस स्वैराचार के कारण बहुत हानि हो रही है ।
४. वैश्विक सर्वेक्षण ब्योरे में कहा गया है कि ऊपर बताए अनुसार महिलाएं, विशेषकर युवतियां आकर्षक दिखने के लिए बहुत तंग कपडे पहनती हैं, जिसका गुंडे तथा वासनांध पुरुष लाभ उठाते हैं ।
५. भारत की महिलाओं को इस विषय में जागृत होना तथा उचित ढंग के कपडे पहनना आवश्यक है ।
– मालिनी आपटे (साप्ताहिक लोकजागर, २.१.२०११)
परिवार की नींव ‘स्त्री’ के भ्रष्ट होने से भारत का भविष्य अंधकारमय‘शील एवं धर्म को भूल चुकी स्त्रियों से धर्म तथा हिन्दुत्व का अनादर हो रहा है । इसके परिणामस्वरूप देश भी अधोगति की ओर अग्रसर है । परिवार की नींव मानी जानेवाली स्त्री के ही भ्रष्ट होने से भारत का भविष्य अंधकारमय बन गया है ।’ – एक विद्वान (श्रीमती अंजली गाडगीळजी के माध्यम से, ५.४.२०११, दोपहर ३.१५) |

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?